बिलासपुर में हिरासत में मौत का मामला: श्रवण सूर्यवंशी की मौत पर CBI ने दर्ज की FIR, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच तेज

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बिलासपुर। CG DASTAK 

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जनवरी 2024 में पुलिस हिरासत के बाद हुई श्रवण सूर्यवंशी उर्फ सरवन तामरे की मौत के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने जांच शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था।

श्रवण को 18 जनवरी 2024 को सीपत थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत गिरफ्तार किया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके पास करीब 6 लीटर कच्ची महुआ शराब मिलने का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद उसे बिलासपुर केंद्रीय जेल भेजा गया।

जेल में बिगड़ी तबीयत, CIMS में हुई मौत

21 जनवरी 2024 को जेल में श्रवण की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे CIMS अस्पताल, बिलासपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान 22 जनवरी 2024 की सुबह करीब 6 बजे उसकी मौत हो ग

मामले में बाद में कराई गई पोस्टमार्टम जांच में शरीर पर कई चोटों के निशान सामने आए। रिपोर्ट में सिर के पिछले हिस्से में चोट, हाथ और पैरों में सूजन तथा शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान दर्ज किए गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में लगी चोट से उत्पन्न जटिलताओं के बाद कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया था।

न्यायिक जांच में भी सिर की चोट का उल्लेख

श्रवण की हिरासत में मौत के बाद न्यायिक जांच कराई गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 22 जुलाई 2024 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में मौत को सिर में लगी चोट से उत्पन्न जटिलताओं से जोड़कर देखा गया था।

इसके बावजूद लंबे समय तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं होने पर मृतक के परिवार ने न्याय की मांग जारी रखी।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद अदालत ने राज्य की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि परिस्थितियां तत्काल FIR और निष्पक्ष जांच की मांग करती थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि श्रवण की हिरासत में मौत की परिस्थितियों की जांच CBI के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जाए और जांच में जो भी अधिकारी जिम्मेदार पाए जाएं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

परिवार को ₹25 लाख अंतरिम मुआवजा

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को श्रवण की पत्नी और बच्चों को ₹25 लाख का अंतरिम मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। हालांकि अंतिम जिम्मेदारी और आपराधिक दोष जांच के परिणाम तथा न्यायिक प्रक्रिया से तय होंगे।

अब CBI जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?

CBI की जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि—

श्रवण को हिरासत में किन परिस्थितियों में चोट लगी?

उसकी मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ?

मेडिकल और जेल रिकॉर्ड में क्या-क्या दर्ज किया गया?

न्यायिक जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई में देरी क्यों हुई?

क्या किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है?

सुप्रीम कोर्ट ने CBI को अगली सुनवाई से पहले जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

अब इस मामले में CBI जांच से यह उम्मीद बढ़ी है कि श्रवण की मौत की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आ सकेगा।

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