
रायपुर। Cg dustak
बारिश के मौसम में खुले गड्ढों, निर्माणाधीन स्थलों और पानी से भरी नालियों से बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, सभी जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों के अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निर्माण स्थलों पर सुरक्षा घेरा अनिवार्य
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बारिश के दौरान खुले गड्ढों में पानी भर जाने से बच्चों के साथ गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खेलते समय या स्कूल आते-जाते बच्चों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
खुले गड्ढों और नालियों की होगी पहचान
आयोग ने सभी नगरीय क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर खुले गड्ढों, पानी से भरी नालियों और निर्माणाधीन स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे स्थानों को तत्काल भरने या उनके चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा लगाने की अनुशंसा की गई है।
इसके अलावा निर्माण एजेंसियों और आवासीय कॉलोनियों को भी निर्देशित करने को कहा गया है कि निर्माण कार्यों के लिए खोदे गए गड्ढों को खुला न छोड़ें तथा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
संवेदनशील स्थानों पर तैनात होंगे सुरक्षाकर्मी
डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि आवश्यकता अनुसार संवेदनशील और निर्माणाधीन स्थलों पर चौकीदार या सुरक्षाकर्मियों की तैनाती भी की जाए, ताकि बच्चों को संभावित दुर्घटनाओं से बचाया जा सके। उन्होंने जिला स्तर पर नियमित समीक्षा और संबंधित अधिकारियों द्वारा सतत निगरानी रखने पर भी जोर दिया।
7 जुलाई तक मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संबंधित विभागों और नगरीय निकायों से निर्देशों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।










