
बलरामपुर। CG DASTAK
बलरामपुर। जिले के ग्राम पंचायत चंद्रनगर में सड़क मुरमीकरण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के मौसम में लोगों को राहत देने के लिए स्वीकृत सड़क मुरमीकरण कार्य में केवल नाममात्र का काम किया गया, जबकि कागजों में सैकड़ों ट्रैक्टर मुरम डालने का बिल तैयार कर सरकारी राशि निकालने की तैयारी कर ली गई

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क पर केवल 1 से 2 ट्रैक्टर मुरम की जगह साधारण मिट्टी डालकर काम पूरा दिखा दिया गया। वहीं, दस्तावेजों में करीब 800 ट्रैक्टर मुरम का भारी-भरकम बिल तैयार किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
पहली बारिश में खुली पोल
हाल ही में हुई हल्की बारिश के बाद सड़क की स्थिति बद से बदतर हो गई है। सड़क पर डाली गई मिट्टी कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुकी है, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव का मुख्य मार्ग है और बारिश के दिनों में इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने चिंता जताई कि यदि रात में किसी की तबीयत बिगड़ जाए या कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए, तो मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना बेहद कठिन हो जाएगा।
पंचायत में तानाशाही का आरोप
ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता। उनका आरोप है कि ग्राम सभा और आम बैठकों की जानकारी आम लोगों को नहीं दी जाती और पंचायत के निर्णय बंद कमरे में लिए जाते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव, सरपंच पुत्र और कुछ अन्य लोगों द्वारा मिलकर सरकारी योजनाओं और बजट में अनियमितताएं की जा रही हैं। उनका कहना है कि इससे पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की शिकायतें सामने आईं, लेकिन जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई।
प्रशासन से जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मुरमीकरण कार्य में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, इस मामले में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि मामले की जांच कर क्या कदम उठाए जाते हैं।










