तिरपाल से ढका ट्रक, अंदर ठूंसकर ले जा रहे थे 5 गाय-बछड़े; रायपुर पुलिस ने 2 को पकड़ा

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रायपुर। CG DASTAK 

रायपुर। राजधानी रायपुर में पशुओं को अमानवीय तरीके से परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है। डी.डी. नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक टाटा मजदा वाहन से 5 गाय और 5 बछड़ों समेत कुल 10 पशुओं को बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक पशुओं को वाहन में पर्याप्त जगह और वेंटिलेशन के बिना ठूंसकर ले जाया जा रहा था। वाहन को ऊपर से तिरपाल से पूरी तरह ढका गया था।

इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान खिलेश यादव (22), निवासी बिलासपुर और रविंद्र सिंह (55) के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद दोनों आरोपितों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

ग्लोबल स्टार अस्पताल के पास मिली थी सूचना

पुलिस के अनुसार 17 अगस्त की रात करीब 9 बजे ग्लोबल स्टार अस्पताल के पास रिंग रोड नंबर-1 पर एक टाटा मजदा वाहन क्रमांक CG10 BN 0537 में पशुओं को क्रूरतापूर्वक ले जाने की सूचना मिली थी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध वाहन की जांच की। वाहन की तलाशी लेने पर उसके अंदर 5 गाय और 5 बछड़े मिले। पुलिस के मुताबिक पशुओं को पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं थी और उन्हें ठूंसकर रखा गया था। वाहन में हवा के पर्याप्त आवागमन की व्यवस्था भी नहीं थी।

इसके अलावा वाहन को ऊपर से तिरपाल से ढक दिया गया था। ऐसे में अंदर बंद पशुओं के लिए हवा और उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई।

वैध दस्तावेज मांगे, नहीं दिखा सके आरोपी

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपितों से पशुओं के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे। इनमें वैध परिवहन दस्तावेज, परिवहन अनुमति और पशु चिकित्सक का प्रमाण पत्र शामिल था।

पुलिस के मुताबिक आरोपित इन दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने वाहन और उसमें मौजूद सभी पशुओं को अपने कब्जे में ले लिया।

मामले की जानकारी डीसीपी पश्चिम जोन रॉबिन्सन गुड़िया और एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा को दी गई। अधिकारियों के निर्देश पर एसीपी पुरानी बस्ती के नेतृत्व में डी.डी. नगर पुलिस ने कार्रवाई की।

10 पशुओं को सुरक्षित गौशाला भेजा गया

पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में वाहन से बरामद सभी 10 पशुओं को जब्त किया। पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें गौशाला भेजा गया।

इसके बाद जिला पशु चिकित्सालय, पंडरी में सभी पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य पशुओं को सुरक्षित रखना और उनके साथ किए जा रहे कथित अमानवीय व्यवहार पर रोक लगाना था।

पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत केस दर्ज किया। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक पशुओं को इस तरह वाहन में ठूंसकर ले जाना न केवल पशु क्रूरता के दायरे में आता है, बल्कि परिवहन के दौरान पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

फिलहाल पुलिस मामले में पशुओं को कहां से लाया जा रहा था, उन्हें कहां ले जाया जा रहा था और उनके परिवहन से संबंधित अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

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