डॉ. अमित सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में रायबरेली के डॉक्टरों की हड़ताल, निजी स्वास्थ्य सेवाएं रहीं प्रभावित

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रायबरेली। CG DASTAK 

आईएमए ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड गठन की मांग; आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रायबरेली। डॉ. अमित सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के आह्वान पर रायबरेली जिले के निजी चिकित्सकों ने सांकेतिक हड़ताल कर विरोध दर्ज कराया। हड़ताल के चलते जिलेभर के निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और पैथोलॉजी केंद्र बंद रहे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।

निजी स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहने के कारण जिला अस्पताल में सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। मरीजों को उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ा।

आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. संजीव जायसवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में चिकित्सक पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एसपी रवि कुमार को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच, विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड के गठन तथा सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की मांग की।

आईएमए पदाधिकारियों का कहना है कि चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़े मामलों में किसी भी डॉक्टर की गिरफ्तारी से पहले विशेषज्ञ चिकित्सकीय समिति की राय लेना आवश्यक होना चाहिए। उनका तर्क है कि बिना विशेषज्ञ जांच के गिरफ्तारी से चिकित्सकों में भय और असुरक्षा का माहौल बन सकता है।

आईएमए के पदाधिकारी डॉ. बृजेश सिंह ने कहा कि रायबरेली में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जिसने चिकित्सा समुदाय में चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संगठन की मांगों पर उचित विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने चिकित्सकीय लापरवाही के मामलों में कानूनी प्रक्रिया, डॉक्टरों की जवाबदेही और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

एक नजर में:

जिलेभर में निजी अस्पतालों की सांकेतिक तालाबंदी

कई निजी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

जिला अस्पताल में बढ़ा मरीजों का दबाव

आईएमए ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

निष्पक्ष जांच और विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड की मांग

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

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