जगदलपुर में साइबर जागृति अभियान: स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों को बताए साइबर ठगी से बचने के तरीके

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जगदलपुर। CG DASTAK 

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत थाना परपा पुलिस ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों तथा साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।

अभियान के तहत 18 अगस्त 2026 को विद्या ज्योति स्कूल, जगदलपुर और क्राइस्ट कॉलेज, जगदलपुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को नवीन महाविद्यालय, तोकापाल में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

डीएसपी और थाना प्रभारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में डीएसपी चंद्रहास सिन्हा और थाना परपा प्रभारी निरीक्षक भोला सिंह राजपूत की मौजूदगी रही। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने या जल्दबाजी में ऑनलाइन लेन-देन करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है।

फर्जी कॉल से डिजिटल अरेस्ट तक, बताए साइबर ठगी के तरीके

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी। इनमें फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी लिंक जैसे साइबर अपराध शामिल हैं।

पुलिस ने विद्यार्थियों को समझाया कि साइबर ठग अक्सर डर, लालच या जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं। इसके बाद बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट से रकम निकालने की कोशिश की जाती है।

OTP और UPI PIN किसी से साझा न करें

कार्यक्रम में विद्यार्थियों और आमजन को विशेष रूप से OTP, UPI PIN, ATM PIN, पासवर्ड और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी गई।

पुलिस ने कहा कि बैंक या कोई भी अधिकृत संस्था आमतौर पर फोन पर इस तरह की गोपनीय जानकारी मांगकर भुगतान कराने का दबाव नहीं डालती। इसलिए अनजान कॉल या मैसेज पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।

अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें

पुलिस ने लोगों से अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज और लिंक को लेकर भी सावधानी बरतने की अपील की। कई बार साइबर ठग आकर्षक ऑफर, नौकरी, इनाम, बैंक अपडेट या अन्य बहाने से फर्जी लिंक भेजते हैं।

ऐसे लिंक पर क्लिक करने से निजी जानकारी चोरी होने या आर्थिक नुकसान का खतरा हो सकता है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

पुलिस ने साइबर अपराध या ऑनलाइन वित्तीय ठगी का शिकार होने की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की जानकारी दी। इसके अलावा cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।

पुलिस के अनुसार साइबर ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना उतनी ही बेहतर रहती है। इसलिए पीड़ितों को बिना देरी किए संबंधित माध्यम से शिकायत करनी चाहिए।

विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील

साइबर जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या सोशल मीडिया अकाउंट के झांसे में न आएं और अपनी बैंकिंग तथा व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखें।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—साइबर अपराध से बचें।

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