
नई दिल्ली। CG DASTAK
20 जुलाई के संसद मार्च और पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन पर राजनीतिक बयानबाजी तेज।
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों के समर्थकों का दावा है कि यह आंदोलन पिछले कई दिनों से जारी है और इसे आम आदमी पार्टी (AAP) का समर्थन मिला हुआ है।
जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, आतिशी, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय ने प्रदर्शन स्थल पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के प्रति अपना समर्थन जताया था। 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होने तथा कथित लाठीचार्ज की घटना के बाद अरविंद केजरीवाल ने अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात भी की थी।
इसी बीच, कुछ पक्षों की ओर से आरोप लगाया गया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े हाजी अफजाल की मौजूदगी का उद्देश्य आंदोलन को राजनीतिक समर्थन देना था। हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संसद मार्च का मामला
प्रदर्शनकारी छात्रों ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है। इसी मांग को लेकर 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया, जबकि पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई।










