
रायपुर | CG DASTAK
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल की बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे पावर कंपनी प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। एक तरफ घरेलू और छोटे उपभोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर बड़े और प्रभावशाली बकायादारों से वसूली पावर कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी विभागों पर ही करीब 3 हजार करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। चौंकाने वाली बात यह है कि बकायादारों की सूची में छत्तीसगढ़ विधानसभा और आईएएस एसोसिएशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम भी शामिल हैं।
विधानसभा पर 22 लाख 75 हजार रुपये
आईएएस एसोसिएशन पर 64 लाख 35 हजार रुपये
का बिजली बिल बकाया बताया गया है।
10–14 साल से नहीं जमा हुआ बिल
पावर कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार, विधानसभा ने 20 नवंबर 2015 को अंतिम बार केवल 29,380 रुपये का भुगतान किया था। वहीं आईएएस एसोसिएशन ने 31 जनवरी 2011 को महज 2,585 रुपये जमा किए थे। इसके बाद से वर्षों से बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ है।
बड़े नाम, बड़ा बकाया
बकायादारों की सूची में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के नाम से दर्ज बिजली कनेक्शन पर 13 लाख 32 हजार रुपये बकाया हैं। इस कनेक्शन पर अंतिम भुगतान 5 अगस्त 2025 को 1 लाख 53 हजार रुपये का हुआ था।
इसके अलावा प्रयास बालक विद्यालय, सड्डू पर 38 लाख 64 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया है।
पंचायतों पर भी लाखों का बकाया
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है।
ग्राम पंचायत टेमरी पर 14 लाख 63 हजार 860 रुपये
ग्राम पंचायत नकटा पर 16 लाख 25 हजार 350 रुपये
का बिजली बिल बकाया है। बताया गया है कि इन पंचायतों ने पिछले तीन वर्षों से भुगतान नहीं किया है।
729 गैर-घरेलू उपभोक्ताओं पर 15.90 करोड़ बकाया
प्रदेशभर में 729 गैर-घरेलू उपभोक्ताओं से करीब 15 करोड़ 90 लाख रुपये की वसूली की जानी है। नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है।
इनमें सबसे ज्यादा बकायादार—
बिलासपुर: 249
अंबिकापुर: 156
रायपुर सिटी: 89
रायपुर ग्रामीण: 74
रायगढ़: 70
दुर्ग: 38
जगदलपुर: 32
राजनांदगांव: 21
स्मार्ट मीटर से कट रहे कनेक्शन, उठ रहे सवाल
पावर कंपनी द्वारा बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब कंट्रोल रूम से तीन बार मैसेज भेजकर सीधे कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि छोटे और घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली तुरंत काट दी जाती है, लेकिन करोड़ों के बकायादार बड़े संस्थानों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
क्या बोले पावर कंपनी के अधिकारी
पावर कंपनी के कार्यपालक निदेशक (राजस्व) एस. के. ठाकुर ने बताया कि बकाया वसूली का अभियान लगातार जारी है। बकायादारों को नोटिस और मैसेज भेजे जा रहे हैं। भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। सरकारी विभागों से बकाया वसूली को लेकर शासन स्तर पर चर्चा चल रही है।










