
सरायपाली। ग्राम पंचायत किसडी के निर्वाचित सरपंच नीलमणि रात्रे के साथ 15 अगस्त को कथित जातिगत अपमान की घटना को लेकर सर्व अनुसूचित जाति समाज ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर दोषी सचिव व अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को सौंपे लिखित शिकायत पत्र में आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत कार्यालय में ध्वजारोहण से पहले पंचायत सचिव पृथ्वीराज भोई व कुछ अन्य ग्रामीणों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ तुलसी जल छिड़ककर कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिसके बाद सरपंच से ध्वजारोहण कराया गया।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि एक निर्वाचित अनुसूचित जाति के सरपंच के साथ सार्वजनिक रूप से इस तरह का व्यवहार बेहद अपमानजनक है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद समाज में आक्रोश है। प्रतिनिधिमंडल ने इसे जातिगत भेदभाव का मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सरपंच नीलमणि रात्रे के अनुसार, पंचायत में पहले कभी ध्वजारोहण से पूर्व इस प्रकार की प्रक्रिया नहीं की गई। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो सर्व अनुसूचित जाति समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उल्लेखनीय है कि नीलमणि रात्रे सामान्य सीट से सरपंच निर्वाचित हुए हैं।
कलेक्टर-एसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में किसडी सरपंच नीलमणि रात्रे, सर्व अनुसूचित जाति समाज के सलाहकार दिनेश बंजारे, जिलाध्यक्ष रेखराम बघेल, रविदास समाज जिलाध्यक्ष देवेन्द्र रौतिया, सारथी समाज जिलाध्यक्ष तुलेंद्र सागर, सतनामी समाज जिलाध्यक्ष विजय बंजारे, प्रकाश टंडन, पवन लहरे, संजीत बर्मन, गाड़ा समाज के टोमन सिंह कागजी, हीरा नेताम, नरेंद्र रौतिया, रामकृष्ण मिरी, सरायपाली पार्षद खीरचंद बारी, ब्लॉक अध्यक्ष युगांत मिरी, उपाध्यक्ष तरुण बारी, खुश डहरिया सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल रहे।









