कांकेर कलेक्टर जनदर्शन में 34 आवेदन, दूरदराज के ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर अफसरों को दिए निर्देश

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कांकेर। CG DASTAK 

कांकेर। उत्तर बस्तर कांकेर में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में सोमवार को जिले के दूरदराज इलाकों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। कलेक्टर कुंदन कुमार ने आवेदकों के बीच जाकर उनसे व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और समस्याओं को गंभीरता से सुना। जनदर्शन में कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए।

कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि वे संबंधित योजना या सहायता के लिए पात्र हैं या अपात्र।

गांवों में पहुंचकर समस्याएं सुलझाने के निर्देश

कलेक्टर ने अधिकारियों को लगातार ग्राम स्तर पर दौरा करने और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कार्यों में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने पर जोर दिया।

कलेक्टर ने कहा कि जिले के समग्र विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कोयलीबेड़ा, आमाबेड़ा और अंदरूनी क्षेत्रों पर विशेष फोकस

कलेक्टर ने कहा कि कोयलीबेड़ा, आमाबेड़ा, अंतागढ़ और दुर्गूकोंदल जैसे अंदरूनी क्षेत्रों में अपेक्षित विकास के लिए विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत है।

उन्होंने इन क्षेत्रों में कैंप लगाकर ग्रामीणों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।

हर शुक्रवार दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा करेंगे CMHO और DPM

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महीने के हर शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) दूरस्थ ब्लॉक मुख्यालयों के स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा करेंगे।

अधिकारियों को पहले क्षेत्र का भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने और इसके बाद बैठक कर योजनावार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

CM हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर करें निराकरण

कलेक्टर ने अधिकारियों को CM हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की प्राथमिकता वाली इस व्यवस्था में प्राप्त शिकायतों का एल-1 और एल-2 स्तर पर समय सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का बारीकी से परीक्षण करने और निराकरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा, क्योंकि इसकी निगरानी राज्य स्तर पर भी की जाती है।

बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा, राजस्व, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, खाद्य सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की भी समीक्षा की गई।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, ए.एस. पैकरा, सभी अनुभागों के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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