SECL मुख्यालय में कोल इंडिया का 52वां स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ राज्योत्सव धूमधाम से मना

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बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के मुख्यालय बिलासपुर में 1 नवंबर 2026 को कोल इंडिया का 52वां स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ का 26वां राज्य स्थापना दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों, विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, महिला कर्मियों और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया।

इस आयोजन में कोल इंडिया की विकास यात्रा, देश की ऊर्जा सुरक्षा में उसके योगदान और छत्तीसगढ़ के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं औद्योगिक विकास में SECL की भूमिका को रेखांकित किया गया।

शहीद स्मारक और प्रतिमाओं पर अर्पित किए श्रद्धासुमन

कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा और खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद कोल इंडिया का ध्वज फहराया गया।

इस अवसर पर कोल इंडिया के कॉर्पोरेट गीत के साथ छत्तीसगढ़ का राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दोनों संस्थाओं और प्रदेश की गौरवशाली यात्रा के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ की माटी और कृषि परंपरा का किया सम्मान

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को विशेष महत्व दिया गया। कार्यक्रम में प्रदेश की माटी, मानचित्र, हल और धान की बालियों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।

इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान, कृषि परंपरा और मेहनतकश लोगों के योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया गया। प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं से जुड़े इन प्रतीकों ने राज्य स्थापना दिवस के महत्व को भी रेखांकित किया।

बिरंची दास ने दी स्थापना दिवस की शुभकामनाएं

कार्यक्रम में SECL के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास में SECL के योगदान को रेखांकित करते हुए गेवरा और कुसमुंडा जैसी प्रमुख कोयला खदानों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, ये खदानें प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और कोयला उत्पादन के क्षेत्र में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि SECL केवल कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में भी लगातार योगदान दे रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में SECL के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी-संचालन) श्री रमेश चंद्र महापात्र और निदेशक (तकनीकी-योजना एवं परियोजना) श्री नृपेंद्र नाथ उपस्थित रहे।

इसके अलावा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रमुख, श्रमसंघ प्रतिनिधि और कर्मचारी भी आयोजन में शामिल हुए।

ऊर्जा सुरक्षा और प्रदेश के विकास में SECL की भूमिका

कार्यक्रम के दौरान कोल इंडिया की विकास यात्रा और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में उसके योगदान पर चर्चा की गई। साथ ही छत्तीसगढ़ के सामाजिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक विकास में SECL की भूमिका को भी प्रमुखता से सामने रखा गया।

कोयला उत्पादन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास से जुड़ी गतिविधियां कंपनी के योगदान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजन कर्मचारियों को संस्थान के उद्देश्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

सामूहिक प्रयास से प्रगति का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने कोल इंडिया और छत्तीसगढ़ राज्य की निरंतर प्रगति के लिए समर्पण, सामूहिक प्रयास और उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति के साथ योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

SECL मुख्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम कोल इंडिया की स्थापना यात्रा और छत्तीसगढ़ के राज्य स्थापना दिवस को एक साथ मनाने का अवसर बना। इसमें प्रदेश की संस्कृति, श्रम के सम्मान और विकास में सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया गया।

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