
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। 1 नवंबर 2026 को सामने आई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष टीम उसे भारत लेकर पहुंची। अब उसे रायपुर लाकर विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है।
सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े कथित अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के प्रमोटरों में शामिल है। उसके खिलाफ CBI के दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक मामले में भी अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है।

ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाई CBI की टीम
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर को इस साल जून में ओमान की रॉयल पुलिस ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया था। इसके बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
CBI के एक प्रवक्ता के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद जांच एजेंसी की टीम मस्कट पहुंची और उसे भारत लेकर आई। इस प्रक्रिया में भारत की संबंधित एजेंसियों और ओमान के अधिकारियों के बीच समन्वय किया गया।
रायपुर की विशेष CBI अदालत में होगी पेशी
सौरभ चंद्राकर को रायपुर लाकर विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना है। द इकोनॉमिक टाइम्स की 1 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत लाए जाने के बाद उसकी मेडिकल जांच और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी कर उसे रायपुर ले जाने की तैयारी थी। रिपोर्ट में सोमवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेशी की संभावना जताई गई थी।
सौरभ चंद्राकर CBI के दो मामलों में वांछित है, जिनमें आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा ED भी उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है। अदालत में पेशी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
क्या है महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामला?
महादेव ऑनलाइन बुक ऐप का मामला कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, कार्ड गेम और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों पर सट्टा लगाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी।
CBI के अनुसार, इस नेटवर्क का संचालन भारत के बाहर से भी किया जा रहा था। जांच में कथित तौर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में पैनल और शाखाओं के जरिए उपयोगकर्ताओं को जोड़ने तथा सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों और अन्य माध्यमों से विदेश भेजने के आरोप सामने आए हैं।
CBI और ED की जांच में कई आरोपी शामिल
महादेव ऐप से जुड़े मामलों में CBI और ED अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रहे हैं। CBI ने जुलाई 2026 में जारी जानकारी में बताया था कि महादेव ऐप से संबंधित मामलों में कई आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। इन मामलों में कथित अवैध सट्टेबाजी, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं।
जांच एजेंसियों ने यह भी आरोप लगाया है कि सट्टेबाजी से प्राप्त कथित अवैध रकम को म्यूल बैंक खातों और हवाला नेटवर्क के जरिए स्थानांतरित किया गया। इन आरोपों की जांच जारी है और संबंधित मामलों में अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के तहत होगा।
छत्तीसगढ़ के लिए क्यों अहम है यह मामला?
महादेव ऐप मामला छत्तीसगढ़ से भी जुड़ा हुआ है। सौरभ चंद्राकर मूल रूप से भिलाई क्षेत्र से संबंधित है। इस मामले ने कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर राज्य में व्यापक चर्चा पैदा की है।
सौरभ चंद्राकर के भारत लाए जाने के बाद अब रायपुर की अदालत में होने वाली कार्यवाही पर नजर रहेगी। जांच एजेंसियों की पूछताछ, अदालत के निर्देश और मामले में सामने आने वाले तथ्यों से आगे की जांच की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
ध्यान दें: सौरभ चंद्राकर इस मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।









