
रायपुर। दीपावली और गोवर्धन पूजा के बाद आने वाला भाई दूज का पावन पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है, क्योंकि इस तिथि का संबंध यमराज और यमुना से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर तिलक करवाता और भोजन ग्रहण करता है, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं होता।
🪔 भाई दूज 2025 का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार,
कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि — 23 अक्टूबर 2025, रात 10:46 बजे तक रहेगी।
इस वर्ष बहनों को तिलक और पूजन के लिए 2 घंटे 15 मिनट का विशेष शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा।
🌟 आयुष्मान योग का शुभ संयोग
भाई दूज के दिन आयुष्मान योग बन रहा है, जो 24 अक्टूबर की सुबह 5 बजे तक रहेगा।
इस योग में यम देव की पूजा करने से साधक को निर्भयता और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
🕉️ शिववास योग का विशेष महत्व
इस बार भाई दूज पर शिववास योग भी बन रहा है, जो 23 अक्टूबर की रात 10:46 बजे तक रहेगा।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस अवधि में भगवान शिव माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर निवास करते हैं। इस योग में शिव परिवार की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और परिवार में सौहार्द बढ़ता है।
📖 भाई दूज की धार्मिक कथा
पुराणों के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर मिलने गए थे।
यमुना ने उनका विधिवत स्वागत कर आरती, तिलक और भोजन कराया।
प्रसन्न होकर यमराज ने आशीर्वाद दिया कि —
“जो बहन इस दिन अपने भाई का सत्कार करेगी, उसका भाई लंबी आयु और सुखी जीवन प्राप्त करेगा।” तभी से यह पर्व भाई दूज के रूप में मनाया जाता है।
🙏 कैसे करें भाई दूज का पूजन
1. भाई को स्नान के बाद आसन पर बैठाएं।
2. तिलक में रोली, चावल और दूर्वा घास का प्रयोग करें।
3. दीप जलाकर आरती करें और मिठाई खिलाएं।
4. भाई बहन को उपहार दे और आशीर्वाद ग्रहण करे।










