
रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने वाली विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्मश्री तीजन बाई का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने रायपुर स्थित एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे छत्तीसगढ़ सहित कला और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
तीजन बाई ने अपनी दमदार प्रस्तुति और अनूठी गायन शैली के माध्यम से पंडवानी लोककला को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। महाभारत की कथाओं को जीवंत अंदाज में प्रस्तुत करने वाली तीजन बाई को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।
उनके निधन को छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के साथ-साथ कला प्रेमियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।









