
धमतरी। CG DASTAK
धमतरी जिले के नगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग पर मछली व्यवसायी विप्लव मंडल की हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि मृतक के साथ काम करने वाले मजदूरों ने ही मजदूरी बढ़ाने के विवाद और आपसी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लिया गया है।

मजदूरी विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक जांच के आधार पर मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, विप्लव मंडल निजी फिश फार्म संचालित करता था, जहां आरोपी मजदूरी करते थे। मजदूरी बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होने और कथित अपमानजनक व्यवहार से नाराज होकर आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई।
पहली बार 25 जून को हत्या की योजना बनाई गई, लेकिन वारदात को अंजाम नहीं दिया जा सका। इसके बाद 27 जून को दोबारा योजना बनाकर आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया।
सुनसान जंगल में घेरकर की हत्या
जांच में सामने आया कि आरोपी नगरी बाजार से मछली बेचकर लौट रहे विप्लव मंडल की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने लकड़ी के डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद मछली बिक्री की नगदी और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए तथा लूटी गई रकम आपस में बांट ली।
तीन आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग हिरासत में
पुलिस ने मामले में टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19), सुरेंद्र यादव (26) और जगदीश विश्वकर्मा (50) निवासी ग्राम बोईरगांव, थाना मैनपुर, जिला गरियाबंद को गिरफ्तार किया है। वहीं दो विधि से संघर्षरत बालकों की भूमिका भी सामने आई है, जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
लूट की नकदी, हथियार और बाइक बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 37,800 रुपये नकद, मृतक के दो मोबाइल फोन, वारदात की योजना में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल, तीन लकड़ी के डंडे, दो लोहे के चाकू, दो मोटरसाइकिल तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
थाना नगरी में अपराध क्रमांक 53/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 309(6) एवं 311 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों के मेमोरेण्डम के आधार पर पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि दोनों नाबालिगों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।










