
गरियाबंद।
बंदियों की सुरक्षा और जेल परिसर की संवेदनशीलता को देखते हुए गरियाबंद जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भगवान सिंह उइके ने जिला जेल गरियाबंद और उसके आसपास 200 मीटर की परिधि को ‘नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

जारी आदेश के अनुसार, जिला जेल अधीक्षक द्वारा जेल मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के आधार पर जेल परिसर की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। प्रशासन का मानना है कि जेल के ऊपर ड्रोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की उड़ान से बंदियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिला जेल परिसर और उससे लगे 200 मीटर क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा ड्रोन संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता एवं संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। जेल परिसर के आसपास किसी भी संदिग्ध ड्रोन गतिविधि पर नजर रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि बंदियों की सुरक्षा, जेल की संवेदनशीलता और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।









