बलरामपुर में चेकडैम निर्माण में गड़बड़ी, 9.13 लाख की वसूली के निर्देश; 17 कामों का भुगतान रोका

0

बलरामपुर। CG DASTAK 

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में चेकडैम निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई तकनीकी खामियों के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच में निर्माण कार्यों में अनियमितताएं मिलने पर 9.13 लाख रुपये की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जांच के दायरे में आए 17 चेकडैम कार्यों का भुगतान रोकने और लापरवाही के मामले में चार वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब मांगने की कार्रवाई की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जांच में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था से जुड़े कई बिंदुओं की पड़ताल की गई।

17 चेकडैम कार्यों की जांच में मिलीं तकनीकी खामियां

जानकारी के मुताबिक, 12 मार्च 2026 को चेकडैम निर्माण की गुणवत्ता को लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं। इसके बाद राज्य कार्यालय के निर्देश पर प्रशासन ने मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) से 17 चेकडैम कार्यों की जांच कराई।

जांच रिपोर्ट में कुछ निर्माण कार्यों में कंक्रीट की गुणवत्ता और उप-संरचनाओं के निर्माण से जुड़ी तकनीकी कमियां सामने आईं। रिपोर्ट में कंक्रीट की सतह पर प्लास्टर करने और निर्माण कार्यों का अधिक मूल्यांकन किए जाने जैसे बिंदुओं का भी उल्लेख किया गया।

9.13 लाख रुपये की वसूली के निर्देश

जांच के आधार पर तीन तकनीकी सहायकों से कुल 9.13 लाख रुपये की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। इनमें रोहित कुमार, अविनाश भारती और कृपाशंकर गुप्ता के नाम शामिल हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत राजपुर में पदस्थ तकनीकी सहायक रोहित कुमार की संविदा सेवा समाप्त करने का आदेश 30 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया।

17 चेकडैम कार्यों का भुगतान रोका

जांच के दायरे में आए सभी 17 चेकडैम कार्यों का भुगतान रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। इनमें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग बलरामपुर के 12 और जनपद पंचायत राजपुर के पांच कार्य शामिल बताए गए हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करना और सरकारी धन के उपयोग में जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया गया है।

दो तकनीकी सहायकों पर जुर्माना

जानकारी के मुताबिक, तकनीकी सहायक अविनाश भारती और कृपाशंकर गुप्ता पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की धारा 25 के तहत एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। दोनों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

चार वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस

निर्माण कार्यों की निगरानी में कथित लापरवाही को लेकर चार अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। इनमें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग बलरामपुर के कार्यपालन अभियंता सच्चिदानंद कांत और उपसंभाग राजपुर के अनुविभागीय अधिकारी जानूराम सोनवानी शामिल हैं।

इसके अलावा जनपद पंचायत राजपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय दुबे और कार्यक्रम अधिकारी मानसाया सिदार से भी जवाब मांगा गया है।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर

चेकडैम जैसे निर्माण कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और स्थानीय जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे कार्यों में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आने पर उनकी जांच और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।

बलरामपुर में की गई कार्रवाई के तहत वसूली, भुगतान रोकने, संविदा सेवा समाप्त करने और अधिकारियों से जवाब मांगने जैसे कदम उठाए गए हैं। आगे की स्थिति संबंधित जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट होगी।

नोट: यह खबर उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक आदेशों और संबंधित पक्षों के जवाबों की स्वतंत्र पुष्टि के बाद अतिरिक्त जानकारी अपडेट की जा सकती है।

पत्रकार अशोक कुमार, MCB

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here