
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी है। गृह मंत्रालय ने यह फैसला आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, संभावित विरोध प्रदर्शनों और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है।
इस तैनाती में लगभग 27 हजार जवान शामिल बताए जा रहे हैं। इन्हें दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर तैनाती की अवधि बढ़ाने की मंजूरी दी है।
बताया गया है कि इस महीने तीसरी बार केंद्रीय बलों की तैनाती की अवधि बढ़ाई गई है। इससे पहले भी दो बार जवानों की तैनाती जारी रखने का फैसला लिया जा चुका है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की रैली
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाने की प्रमुख वजहों में 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA ब्लॉक की रैली भी शामिल है। कांग्रेस ने कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर INDIA ब्लॉक के बैनर तले ‘चलो दिल्ली मार्च’ का ऐलान किया है। इस कार्यक्रम का समापन रामलीला मैदान में होने वाली रैली के साथ होना प्रस्तावित है।
इस रैली में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ संगठनों की ओर से अचानक विरोध प्रदर्शन किए जाने की आशंका को ध्यान में रखते हुए भी केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, किसी संभावित प्रदर्शन को लेकर स्थिति समय के साथ बदल सकती है।
CRPF की 125 कंपनियां तैनात
गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, दिल्ली में तैनात 270 कंपनियों में विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल शामिल हैं। इनका विवरण इस प्रकार बताया गया है:
– केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF): 125 कंपनियां
– सीमा सुरक्षा बल (BSF): 46 कंपनियां
– भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP): 39 कंपनियां
– सशस्त्र सीमा बल (SSB): 31 कंपनियां
– रैपिड एक्शन फोर्स (RAF): 20 कंपनियां
– केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF): 12 कंपनियां
उपलब्ध विवरण के अनुसार, CRPF की कंपनियों में 17 महिला इकाइयां भी शामिल हैं।
इन बलों को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए तैनात किया गया है। जवानों की तैनाती, ड्यूटी और कामकाज के बीच तालमेल बनाने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को दी गई है।
270 कंपनियों में करीब 27 हजार जवानों की तैनाती
केंद्रीय बलों की एक कंपनी की स्वीकृत संख्या लगभग 100 जवान मानी जाती है। हालांकि, किसी कंपनी में वास्तविक रूप से उपलब्ध जवानों की संख्या इससे कम हो सकती है। आम तौर पर काम के लिए उपलब्ध संख्या करीब 70 से 72 जवान बताई जाती है।
इसी आधार पर 270 कंपनियों की तैनाती में लगभग 27 हजार जवानों की स्वीकृत क्षमता का उल्लेख किया जा रहा है। वास्तविक रूप से ड्यूटी के लिए उपलब्ध जवानों की संख्या अलग हो सकती है।
दिल्ली में इन जवानों की तैनाती का उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बनाए रखना, संभावित भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करना और किसी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त बल उपलब्ध कराना है।
अक्टूबर में प्रदर्शनों के बाद बढ़ाई गई थी सुरक्षा
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों के बाद दिल्ली में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। 9 अक्टूबर को राजधानी के कुछ इलाकों में प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया था।
इसके बाद विपक्षी दलों ने भी इसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किए। CJP की ओर से 16 अक्टूबर को ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन आयोजित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इस संगठन ने INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित रैली को समर्थन देने का ऐलान किया है।
इन घटनाक्रमों के बाद राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने का फैसला लिया गया।
त्योहारों के दौरान भी रहेगी सुरक्षा पर नजर
दिल्ली में नवंबर के दौरान राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ त्योहारों और अन्य सार्वजनिक गतिविधियों के चलते भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहती है।
केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाने का उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराना है। पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय के जरिए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी तथा जरूरत के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सकती है।
16 नवंबर तक जारी रहेगी तैनाती
गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 270 कंपनियों की तैनाती की अवधि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 16 नवंबर 2026 तक कर दी है। यह फैसला दिल्ली में प्रस्तावित राजनीतिक रैली, संभावित विरोध प्रदर्शनों और त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है।
अब दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों के सामने राजधानी में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। आगामी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति और जरूरत के अनुसार प्रशासन आगे के निर्णय ले सकता है।









