रायगढ़ में चक्रवात का असर जारी, आज भी स्कूलों में छुट्टी; बारिश से धान की फसल को नुकसान

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रायगढ़। CG DASTAK 

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चक्रवात के प्रभाव से लगातार दूसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। गुरुवार सुबह से रात तक रुक-रुककर हल्की और मध्यम बारिश होती रही। लगातार बदलते मौसम का असर अब आम जनजीवन के साथ किसानों की फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। खेतों में पानी भरने और धान की खड़ी फसल झुकने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम की स्थिति और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भी जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। इससे पहले गुरुवार, 29 अक्टूबर को भी स्कूल बंद रखे गए थे।

रायगढ़ में लगातार बारिश, जनजीवन प्रभावित

जिले में मंगलवार से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। आसमान में बादल छाए रहने और लगातार बारिश होने से मौसम सामान्य नहीं हो पाया है। बुधवार और गुरुवार को भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

गुरुवार शाम को कुछ समय के लिए तेज बारिश हुई। इसके बाद रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। हालांकि, जिले में व्यापक जलभराव या अन्य नुकसान का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के प्रभाव और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए क्षेत्र में मौसम पर नजर रखी जा रही है।

आज भी स्कूलों में अवकाश

लगातार बारिश और मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भी रायगढ़ जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कलेक्टर की अनुमति के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किया। यह आदेश जिले के सरकारी और निजी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों पर लागू होगा।

स्कूलों में छुट्टी का उद्देश्य खराब मौसम के दौरान बच्चों को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी से बचाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

खेतों में भरा पानी, धान की फसल झुकी

लगातार बारिश का असर जिले के ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। धान की फसल वाले खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी भरने और खड़ी फसल झुकने की जानकारी सामने आई है।

धान की फसल के लिए लगातार बारिश और खेतों में जलभराव नुकसानदायक हो सकता है। इससे फसल की स्थिति प्रभावित होने और किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

हालांकि, अभी फसल को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन सामने नहीं आया है। नुकसान का सही पता सर्वे और खेतों की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद ही चल सकेगा।

किसानों के लिए इस समय मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण है। लगातार बारिश जारी रहने पर फसल को और नुकसान पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

शुक्रवार को भी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका

उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को रायगढ़ जिले में न्यूनतम तापमान करीब 22.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना बताई गई है।

आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। हल्की बारिश या आंधी-तूफान की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में चक्रवात का असर तीसरे दिन भी जारी रहने की आशंका है।

मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है।

किसानों को फसल नुकसान के आकलन का इंतजार

बारिश के कारण खेतों में पानी भरने और धान की फसल झुकने से किसानों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, फिलहाल नुकसान का कोई पुष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

फसल की वास्तविक स्थिति का पता सर्वे के बाद ही चल पाएगा। ऐसे में प्रभावित किसानों को प्रशासनिक आकलन और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

CG Dastak की अपील: मौसम खराब रहने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। खेतों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर ध्यान दें तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

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