कांकेर में रेलवे ट्रैक पर मोबाइल चला रहा 13 वर्षीय अमन ट्रेन की चपेट में आया, मौत से गांव में मातम

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कांकेर। CG DASTAK 

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में 13 वर्षीय किशोर अमन की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, अमन रेलवे ट्रैक पर बैठकर मोबाइल चला रहा था, तभी यात्री ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी जान चली गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

मोबाइल नेटवर्क की तलाश में रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे बच्चे

मिली जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंडरीपानी में रविवार, 18 अक्टूबर की रात मानसगान कार्यक्रम चल रहा था। अमन भी अपने 4-5 दोस्तों के साथ कार्यक्रम देखने गया था। रात करीब 3 बजे तक उसे पंडाल में देखा गया था।

इसके बाद अमन अपने दोस्तों के साथ रेलवे ट्रैक की ओर चला गया। बताया जा रहा है कि गांव में मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने के कारण बच्चे बेहतर नेटवर्क की तलाश में दल्लीराजहरा-रावघाट रेललाइन पर बैठकर मोबाइल चलाने लगे थे।

इसी दौरान अंतागढ़ से भानुप्रतापपुर होते हुए रायपुर जा रही यात्री ट्रेन वहां पहुंच गई।

ट्रेन का हॉर्न सुनकर बाकी बच्चे भागे, अमन नहीं हट सका

जानकारी के अनुसार, ट्रेन ट्रैक से गुजर रही थी, तभी लोको पायलट हिमांशु ने पटरी पर बैठे बच्चों को देखकर हॉर्न बजाया। हॉर्न सुनकर बाकी बच्चे ट्रैक से हटकर भाग गए, लेकिन अमन ट्रेन की चपेट में आ गया।

हादसे में अमन के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे।

परिवार का इकलौता बेटा था अमन

अमन के पिता संतोष कुलदीप के मुताबिक, वह गांव में चल रहे मानसगान कार्यक्रम में शामिल होने गया था। रात करीब 3 बजे तक उसे दोस्तों के साथ पंडाल में देखा गया था। इसके बाद वह भोजन व्यवस्था की देखरेख में लग गए थे।

सुबह हादसे की जानकारी मिली तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। बताया गया कि अमन परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय रेलवे ट्रैक पर कितने बच्चे मौजूद थे और अमन किन परिस्थितियों में ट्रेन की चपेट में आया। घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

रेलवे ट्रैक पर मोबाइल चलाना हो सकता है जानलेवा

रेलवे ट्रैक पर बैठकर मोबाइल चलाना बेहद जोखिम भरा है। मोबाइल में ध्यान लगे रहने से आसपास की आवाजें और खतरे का अंदाजा नहीं लग पाता। ट्रेन को देखकर तुरंत हट पाना भी कई बार मुश्किल हो जाता है।

ऐसे में बच्चों और अभिभावकों को रेलवे ट्रैक से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही मोबाइल का इस्तेमाल करने को लेकर जागरूक रहना जरूरी है।

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