
बिलासपुर। CG DASTAK
बिलासपुर। शहर में ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के बाद उस समय हंगामा हो गया, जब एक युवक की बाइक शराब के नशे में वाहन चलाने के आरोप में जब्त कर ली गई। युवक की बाइक छुड़ाने के लिए उसकी दो बहनें छोटे बच्चों के साथ ट्रैफिक थाने पहुंचीं और पुलिस से वाहन छोड़ने की मांग करने लगीं।

मामला बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच बहस की स्थिति बन गई। मौके पर महिला पुलिस बल को बुलाया गया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं को समझाया और मामला शांत कराया।
शराब के नशे में बाइक चलाने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस ने कुछ दिन पहले युवक को बाइक चलाते हुए पकड़ा था। पुलिस के अनुसार, युवक के शराब के नशे में वाहन चलाने की आशंका पर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई।

पुलिस का कहना है कि जांच में करीब 130 के आसपास रीडिंग सामने आई थी। इसके बाद युवक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई और बाइक को जब्त कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, वाहन न्यायालय की प्रक्रिया और निर्धारित जुर्माना जमा होने के बाद ही छोड़ा जाएगा।
बाइक छुड़ाने थाने पहुंचीं दो बहनें
सोमवार को युवक की दो बहनें अपने छोटे बच्चों के साथ ट्रैफिक थाने पहुंचीं। दोनों ने पुलिस से अपने भाई की बाइक छोड़ने की मांग की।

इस दौरान दोनों महिलाओं ने पुलिसकर्मियों से बहस भी की। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, महिलाएं भावुक होकर बाइक छोड़ने की मांग करती रहीं।

मामला बढ़ने पर ट्रैफिक पुलिस ने महिला पुलिस बल को बुलाया। महिला पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं को समझाया और उन्हें बताया कि शराब के नशे में वाहन चलाने के मामले में जब्त वाहन को तत्काल थाने से नहीं छोड़ा जा सकता।
इसके बाद दोनों महिलाएं वहां से चली गईं।
महिलाओं ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
महिलाओं की ओर से पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठाए गए। उनका कहना था कि उनके भाई की बाइक जब्त कर ली गई और उसे छुड़ाने के लिए वे थाने पहुंची थीं।
वहीं, ट्रैफिक पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताया। पुलिस का कहना है कि युवक को नियमों के तहत शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया था और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।
ट्रैफिक ASP ने बताई कार्रवाई की वजह
मामले में ट्रैफिक ASP रामगोपाल करियारे के मुताबिक, बाइक चालक को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद नियमानुसार मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त किया गया।
पुलिस के मुताबिक, न्यायालय में निर्धारित जुर्माना जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वाहन छोड़ा जा सकेगा।
हंगामे के कारण कुछ देर प्रभावित रहा आवागमन
थाने के बाहर दोनों महिलाओं के पहुंचने और बहस के दौरान कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया। मौके पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रही और यातायात भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई।
बाद में महिला पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं को समझाया और स्थिति सामान्य हुई।
क्या है धारा 185?
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 शराब या अन्य नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाने से संबंधित है। ऐसे मामलों में पुलिस जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई कर सकती है।
इस मामले में भी पुलिस का कहना है कि ब्रेथ एनालाइजर की जांच में निर्धारित सीमा से अधिक रीडिंग आने के बाद कार्रवाई की गई।
फिलहाल मामला पुलिस और न्यायालय की प्रक्रिया के अधीन है।









