
मुंबई। CG DASTAK
FII की लगातार बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से दबाव; ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी, IT और कुछ बैंकिंग शेयरों ने संभाला

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में 1 अक्टूबर को भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट में रहे। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स करीब 900 अंक तक नीचे गया, जबकि निफ्टी 22,400 के स्तर से नीचे फिसल गया।

बाजार में दबाव की प्रमुख वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी, रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता बताई जा रही है। हालांकि IT शेयरों में मजबूती और कुछ निजी बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया।
चौथे दिन भी बाजार लाल निशान में
1 अक्टूबर की शुरुआत ही कमजोर रही। बाजार खुलने पर सेंसेक्स करीब 72,193 अंक और निफ्टी करीब 22,544 अंक पर खुला। इसके बाद बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख सूचकांक और नीचे चले गए।

दोपहर 12:48 बजे के आसपास सेंसेक्स करीब 71,835 अंक और निफ्टी करीब 22,395 अंक पर कारोबार कर रहे थे। निफ्टी ऑटो इंडेक्स में करीब 3.7% की गिरावट दर्ज की गई थी।
FII की लगातार बिकवाली बनी बड़ी चिंता
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII/FPI की बिकवाली से बना हुआ है। 30 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब ₹10,148 करोड़ की निकासी की। सितंबर में उनकी कुल शुद्ध बिकवाली करीब ₹44,013 करोड़ रही

इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII लगातार खरीदारी कर रहे हैं। सितंबर में DII की शुद्ध खरीद करीब ₹76,030 करोड़ रही। इससे विदेशी बिकवाली का कुछ असर कम हुआ, लेकिन बाजार की दिशा पर दबाव बना हुआ है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से बढ़ी चिंता
अमेरिकी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड करीब 5.3% तक पहुंच गई है। ऊंची यील्ड के कारण वैश्विक निवेशकों के लिए अमेरिकी बॉन्ड अपेक्षाकृत आकर्षक हो रहे हैं, जिससे उभरते बाजारों से पूंजी निकलने का दबाव बढ़ सकता है। Reuters के अनुसार अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड सितंबर तिमाही में 5.31% तक पहुंची, जो 2007 के बाद का ऊंचा स्तर है।
रुपये और कच्चे तेल का भी असर
डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के स्तर के आसपास कमजोर हुआ है। दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों को लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है, इसलिए महंगा तेल आयात बिल और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है।
हालांकि गुरुवार को Brent crude 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आया, जिससे बाजार को कुछ राहत मिली।
ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
आज की गिरावट में ऑटो सेक्टर प्रमुख दबाव में रहा। सितंबर की बिक्री के आंकड़ों के बाद Bajaj Auto और Mahindra & Mahindra जैसे शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। Financial Express के अनुसार दोपहर के कारोबार में Bajaj Auto करीब 7% और M&M 4% से अधिक नीचे थे।
वहीं कुछ IT और निजी बैंकिंग शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इससे बाजार की गिरावट कुछ हिस्सों में सीमित रही।
बाजार की लगातार आठवें सप्ताह गिरावट की आशंका
इस गिरावट के साथ सेंसेक्स और निफ्टी लगातार आठवें सप्ताह की गिरावट की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसा हुआ तो यह 2001 के बाद दोनों प्रमुख सूचकांकों की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट की श्रृंखला होगी।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
शेयर बाजार में इस समय तेज उतार-चढ़ाव है। FII प्रवाह, बॉन्ड यील्ड, कच्चा तेल, रुपया और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे माहौल में किसी शेयर में निवेश का फैसला केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर नहीं लेना चाहिए।
नोट: यह खबर बाजार की स्थिति की जानकारी के लिए है, इसे निवेश सलाह न माना जाए।









