विश्व फिजियोथेरेपी दिवस: इट्सा हॉस्पिटल्स ने ‘फिजियो कार्निवल’ के जरिए दिया बेहतर मूवमेंट और स्वस्थ जीवन का संदेश

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CG DASTAK 

रायपुर, 8 सितंबर 2026। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित इट्सा हॉस्पिटल्स ने 1 सितंबर से आयोजित सप्ताहभर चलने वाले ‘फिजियो कार्निवल’ का सफल समापन किया। ‘हीलिंग एंड इंस्पायरिंग विद एवरी मूवमेंट’ थीम पर आयोजित इस विशेष पहल का उद्देश्य लोगों को फिजियोथेरेपी के महत्व, सक्रिय जीवनशैली और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।

इस आयोजन में मरीजों, उनके परिजनों, अस्पताल के डॉक्टरों, स्टाफ और इट्सा परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे सप्ताह अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सही समय पर की गई फिजियोथेरेपी केवल दर्द से राहत दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति को दोबारा आत्मनिर्भर और सक्रिय जीवन जीने में भी मदद करती है।

25 से अधिक फिजियोथेरेपिस्ट ने दी एडवांस रिहैबिलिटेशन सेवाएं
इस पहल का नेतृत्व डॉ. तनुश्री नेरल, एचओडी – फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन ने किया। उनके मार्गदर्शन में 25 से अधिक फिजियोथेरेपिस्ट की टीम इट्सा हॉस्पिटल्स में एडवांस रिहैबिलिटेशन सेवाएं प्रदान कर रही है। अस्पताल में आधुनिक फिजियोथेरेपी सुविधाओं, विशेषज्ञ उपचार और मरीज-केंद्रित देखभाल को भी प्रदर्शित किया गया।

कार्निवल के दौरान हर दिन अलग-अलग थीम के साथ गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें अस्पताल से जुड़े विभिन्न वर्गों को शामिल किया गया। सप्ताह की शुरुआत ‘रिदम : साथ चलें, साथ स्वस्थ बनें’ थीम से हुई, जिसमें अस्पताल के कर्मचारियों ने स्पोर्ट्स ड्रेस में हिस्सा लेकर विभिन्न शारीरिक फिटनेस गतिविधियों में भाग लिया। इस दौरान एडवांस रिहैबिलिटेशन संसाधनों की भूमिका को भी सामने रखा गया।

मरीजों और उनके परिजनों के लिए रोचक एवं शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। इसका उद्देश्य मरीजों को इलाज की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जोड़ना और उन्हें सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराना था। आयोजन के जरिए यह संदेश दिया गया कि परिवार का सहयोग और सकारात्मक वातावरण रिकवरी को अधिक प्रभावी बना सकता है।

आधुनिक तकनीक और रोबोटिक रिहैबिलिटेशन का प्रदर्शन
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर इट्सा हॉस्पिटल्स ने सेंट्रल इंडिया की अपनी एडवांस न्यूरोलॉजिकल रिहैबिलिटेशन सेवाओं और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया। इनमें रोबोटिक गैट ट्रेनर, रोबोवॉक, रोबोटिक आर्म एवं हैंड ट्रेनर्स, रोबोटिक स्पाइनल डीकम्प्रेशन, एंटीग्रैविटी ट्रेडमिल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक-असिस्टेड फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

अस्पताल के अनुसार, इन आधुनिक तकनीकों का उपयोग स्ट्रोक, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी और विभिन्न ऑर्थोपेडिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की रिकवरी में किया जा रहा है। इनका उद्देश्य मरीजों की चलने-फिरने की क्षमता में सुधार के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी के बेहतर स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की गतिविधियों में आत्मनिर्भरता बढ़ाना है।

‘फिजियो कार्निवल’ से दिया स्वास्थ्य और सक्रिय जीवन का संदेश
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि फिजियोथेरेपी केवल एक आयोजन या उपचार पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नवजात शिशुओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक, जीवन के अलग-अलग चरणों में फिजियोथेरेपी की आवश्यकता और उपयोगिता हो सकती है।

‘फिजियो कार्निवल’ के माध्यम से अस्पताल ने लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधि, आधुनिक पुनर्वास तकनीकों और फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन के संदेश के साथ हुआ।

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