जामगांव-आर में ‘उषा-बसंत हरित सेतु’ की शुरुआत, डोंगिया तालाब में होगा वृक्षारोपण

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जामगांव-आर। धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की दिशा में जामगांव-आर में एक अनूठी पहल की जा रही है। श्रीराम मंदिर निर्माण परिवार, जामगांव-आर की ओर से जामगांव-आर के डोंगिया तालाब में ‘उषा-बसंत हरित सेतु’ के नाम से विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

यह कार्यक्रम 5 सितंबर 2026, शनिवार को सुबह 9 बजे से आयोजित होगा। इस दौरान नीम, पीपल, बरगद, कदम सहित विभिन्न उपयोगी एवं छायादार वृक्षों का रोपण किया जाएगा। आयोजन में समस्त ग्रामवासियों को आमंत्रित किया गया है।

🌱 ‘उषा-बसंत हरित सेतु’ नाम के पीछे खास सोच

श्रीराम मंदिर के निर्माणकर्ता संदीप चंद्राकर ने इस विशेष पहल के नाम ‘उषा-बसंत हरित सेतु’ के बारे में बताया कि यह केवल एक नाम नहीं, बल्कि नई शुरुआत, हरियाली और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति से जोड़ने का संकल्प है।

उन्होंने बताया कि ‘उषा’ का अर्थ नई सुबह, नई आशा और नई शुरुआत है। वहीं ‘बसंत’ नवजीवन, हरियाली, ऊर्जा और खुशहाली का प्रतीक है। ‘हरित’ प्रकृति, वृक्ष और पर्यावरण को दर्शाता है, जबकि ‘सेतु’ का अर्थ है जोड़ने वाला पुल।

संदीप चंद्राकर के अनुसार, ‘उषा-बसंत हरित सेतु’ का भाव आज की पीढ़ी को आने वाली पीढ़ियों से प्रकृति और वृक्षों के माध्यम से जोड़ना है। इस पहल के जरिए ऐसा हरित वातावरण तैयार करने का प्रयास है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियां भी उठा सकें।

🌳 धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

जामगांव-आर के डोंगिया तालाब में होने वाला यह वृक्षारोपण कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देगा। नीम, पीपल, बरगद और कदम जैसे वृक्ष भविष्य में क्षेत्र को छाया और हरियाली प्रदान करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

आयोजकों का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे कार्यक्रम में शामिल होकर एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लें, ताकि यह पहल आने वाले वर्षों में एक बड़े हरित क्षेत्र का रूप ले सके।

निवेदक — संदीप चंद्राकर एवं समस्त ग्रामवासी, जामगांव-आर।

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