
मुंगेली। CG DASTAK
मुंगेली। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में दो शावकों के साथ घूम रही बाघिन ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की सख्त हिदायत दी है।
मशरूम लेने जंगल पहुंचे थे युवक
जानकारी के अनुसार, घटना 24 अगस्त की है। ग्राम बांधा निवासी धर्मजीत धृतलहरे (23) अपने साथियों भानु प्रताप, शिवशंकर ध्रुव, दशरथ धृतलहरे और रामफल धृतलहरे के साथ जंगल में पिहरी (मशरूम) निकालने गया था।
सभी युवक जोगीपुर परिसर के पाड़ाडोंगरी के पास पहुंचे थे। इसी दौरान दो शावकों के साथ मौजूद बाघिन ने युवकों पर हमला कर दिया और उन्हें दौड़ा लिया।
बाघिन की चपेट में आया धर्मजीत
हमले के दौरान धर्मजीत बाघिन की चपेट में आ गया। बताया गया कि बाघिन ने उसकी गर्दन पर हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साथियों ने धर्मजीत को बचाने और उसे जंगल से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया।
घटनास्थल के आसपास मौजूद है बाघिन
ATR के एसडीओ समीर जोनाथन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में युवक की मौत बाघिन के हमले से होने की पुष्टि हुई है। मौत के अन्य पहलुओं की स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
उन्होंने बताया कि बाघिन अभी भी अपने शावकों के साथ घटनास्थल के आसपास मौजूद है। ऐसे में आसपास के ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की कड़ी समझाइश दी गई है।
15 जून से 31 अक्टूबर तक प्रतिबंधित रहता है क्षेत्र
वन विभाग के मुताबिक, 15 जून से 31 अक्टूबर तक मानसून अवधि में टाइगर रिजर्व के कोर और प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहता है। स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF) और पैदल गार्ड लगातार ग्रामीणों को जंगल में प्रवेश नहीं करने की समझाइश देते हैं।
इसके बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने के कारण यह हादसा सामने आया। वन विभाग ने एक बार फिर ग्रामीणों से अपील की है कि मानसून अवधि में अनावश्यक रूप से जंगल में प्रवेश न करें।
ATR में पहले भी सामने आते रहे हैं मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले
अचानकमार टाइगर रिजर्व और इसके बफर जोन में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अलग-अलग वर्षों में बाघ, तेंदुए, भालू और हाथियों से जुड़े हमलों एवं नुकसान के मामले सामने आए हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि जंगल में शावकों के साथ मौजूद बाघिन के बेहद करीब जाना कितना खतरनाक हो सकता है।

CG Dastak की अपील: ग्रामीण और पर्यटक वन विभाग की गाइडलाइन का पालन करें। प्रतिबंधित वन क्षेत्र में प्रवेश न करें और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।









