
धमतरी। CG DASTAK
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से करीब आधा दर्जन लोगों के लापता होने के मामलों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग तारीखों में दर्ज हुई इन गुमशुदगी की शिकायतों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। पुलिस फिलहाल सभी मामलों में अलग-अलग स्तर पर तलाश कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन घटनाओं के बीच कोई आपसी कड़ी है।
पुलिस के पास दर्ज शिकायतों की संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इन गुमशुदगी के मामलों के बीच किसी आपराधिक कड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चार थाना क्षेत्रों में गुमशुदगी के मामले
जानकारी के मुताबिक धमतरी जिले के सिहावा, मगरलोड, कुरूद और कोतवाली थाना क्षेत्रों में अलग-अलग गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इनमें सिहावा थाने में 3, मगरलोड में 1, कुरूद में 1 और कोतवाली थाना क्षेत्र में 1 गुमशुदगी का मामला सामने आया है।
सिहावा से तीन लोग लापता
सिहावा थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों में नवविवाहिता सत्यवती नेताम के सोमवार रात से लापता होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा संतोषी बिसेन और रोहिणी भी अपने-अपने काम के लिए घर से निकली थीं, लेकिन इसके बाद दोनों का पता नहीं चल पाया।
मगरलोड में महिला की गुमशुदगी
मगरलोड थाना क्षेत्र में जानकी सागरवंशी के लापता होने की रिपोर्ट उनके पति द्वारा दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच करते हुए महिला की तलाश में जुटी है।
बस स्टैंड से महिला लापता
कोतवाली थाना क्षेत्र में भगवती साहू के लापता होने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि वह धमतरी बस स्टैंड से बस में बैठने के बाद अचानक लापता हो गईं। उनकी बहन ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रायपुर जाने की बात कहकर निकले युवक का पता नहीं
वहीं कुरूद थाना क्षेत्र से झम्मन साहू के लापता होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह घर से रायपुर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन अब तक वापस नहीं लौटे हैं।
पुलिस तलाश के साथ जांच रही संभावित कड़ी
एक साथ अलग-अलग थाना क्षेत्रों में करीब आधा दर्जन लोगों के लापता होने और इनमें कई महिलाओं के शामिल होने से पुलिस के सामने चुनौती बढ़ गई है। पुलिस सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए लापता लोगों की तलाश कर रही है।
इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन गुमशुदगी की घटनाओं के बीच कोई साझा कड़ी, समान पैटर्न या अन्य संबंध मौजूद है। फिलहाल किसी भी मामले को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
महत्वपूर्ण: उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन गुमशुदगी के मामलों के पीछे किसी एक गिरोह या आपराधिक नेटवर्क की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









