
बेमेतरा। CG DASTAK
फांसी लगाने की कोशिश के बाद बेहोश मिली महिला को पुलिस ने मृत समझा, परिजनों को बाहर रखा; दो घंटे बाद ताला खोलने पर चल रही थीं सांसें, ICU में भर्ती

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सिटी कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 में एक महिला द्वारा घर के अंदर रस्सी से फांसी लगाने की कोशिश के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिला को मृत समझकर कमरे में ताला लगा दिया और पंचनामा की कार्रवाई के लिए बाद में लौटने की बात कहकर वहां से चले गए। करीब दो घंटे बाद जब पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची और कमरे का ताला खोला गया, तब महिला की सांसें चल रही थीं। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे ICU में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। परिवार का आरोप है कि यदि पुलिस ने मौके पर महिला की स्थिति की सही तरीके से जांच की होती तो उसे करीब दो घंटे पहले ही अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
बच्चों के स्कूल जाने के बाद महिला ने उठाया कदम
जानकारी के मुताबिक महिला पिछले करीब 10 वर्षों से किराए के मकान में अपने तीन बच्चों के साथ रह रही है। उसका पति किसान बताया जा रहा है। घटना के दिन तीनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। दोपहर करीब 1:30 बजे महिला ने घर के अंदर रस्सी से फांसी लगाने की कोशिश की।

जब स्कूल से बच्चे वापस लौटे तो उन्होंने घर का दरवाजा बंद देखा। इसके बाद बच्चों ने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस को भी बताया गया और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने मृत समझकर कमरे में लगाया ताला?
परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक पुलिसकर्मी जब मौके पर पहुंचे तो महिला कमरे के अंदर बेहोशी की हालत में पड़ी हुई थी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे मृत समझ लिया और कमरे में ताला लगा दिया। इसके बाद पंचनामा की कार्रवाई के लिए बाद में वापस आने की बात कहकर पुलिसकर्मी वहां से चले गए।

करीब दो घंटे बाद पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची। जब कमरे का ताला खोला गया तो महिला की सांसें चल रही थीं। इस दौरान महिला के मुंह से कथित तौर पर आवाज भी निकल रही थी और वह कह रही थी कि उसे मरने दिया जाए।
महिला की स्थिति देखकर तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उसका इलाज ICU में जारी बताया जा रहा है।
महिला को गंभीर चोटें भी आईं
जानकारी के अनुसार घटना के दौरान महिला के सिर, सीने और गुप्तांग में चोटें आई हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी स्पष्ट वजह फिलहाल सामने नहीं आई है।
मकान मालिक के अनुसार महिला कुछ समय से अपनी तबीयत खराब होने को लेकर परेशान थी। वहीं कुछ पड़ोसियों से घर में अनबन की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि महिला द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जिंदा मिलने के बाद परिजनों में आक्रोश
महिला के जिंदा मिलने की जानकारी सामने आने के बाद परिवार और स्थानीय लोग पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराज हो गए। उनका कहना है कि यदि मौके पर महिला की स्थिति की ठीक से जांच की गई होती तो उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदारी तय करने और मामले की जांच कराने की मांग की है।
परशुराम चौक पर सड़क पर बैठे लोग, कुछ देर रहा जाम
घटना से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने परशुराम चौक के पास सड़क पर बैठकर विरोध जताया। इससे कुछ देर के लिए सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उनका कहना था कि मामले में महिला की स्थिति को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था और मौके पर ही उसकी चिकित्सकीय जांच कराई जानी चाहिए थी।
पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि मौके पर महिला की चिकित्सकीय जांच किस स्तर पर की गई थी और उसे मृत मानने के पीछे क्या आधार था।
महिला की मेडिकल स्थिति और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी भी जांच के बाद ही सामने आएगी। पुलिस द्वारा घटना की परिस्थितियों, मौके पर मौजूद लोगों और महिला द्वारा उठाए गए कदम के कारणों की जांच की जा रही है।
फिलहाल महिला का अस्पताल में इलाज जारी है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।









