
दुर्ग। CG DASTAK
दुर्ग। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिलेभर से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने जनदर्शन में आए सभी आवेदकों की शिकायतों और मांगों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों का शीघ्र परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनदर्शन के दौरान डिप्टी कलेक्टर सोनल डेविड भी मौजूद रहीं।
जनदर्शन में अलग-अलग समस्याओं और मांगों से संबंधित कुल 115 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका में सुधार और आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित कई मामले शामिल रहे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को फोन कर ली प्रकरणों की जानकारी
जनदर्शन के दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कई आवेदनों पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से फोन पर प्रकरणों की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए लोगों की समस्याओं का उचित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
नौ महीने से नहीं मिला राशन, कलेक्टर से शिकायत
जामुल के लवकुश नगर वार्ड निवासी एक व्यक्ति ने बीपीएल राशन कार्ड में नाम दर्ज होने के बावजूद पिछले नौ महीने से राशन नहीं मिलने की शिकायत जनदर्शन में की।
आवेदक ने बताया कि दिसंबर 2025 से लगातार उसे राशन नहीं मिल पा रहा है। शासन के निर्देशानुसार ई-केवायसी की प्रक्रिया भी कई बार पूरी कराई गई। इसके बावजूद पोर्टल पर नाम प्रदर्शित होने के बाद भी राशन का आबंटन नहीं किया जा रहा है।
लंबे समय से राशन नहीं मिलने के कारण परिवार को आर्थिक परेशानी के साथ खाद्य सुरक्षा से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
400 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित होने की शिकायत
ग्राम खेदामारा (नवातरिया), थाना जामुल के किसानों ने सिंचाई के पानी का रास्ता बाधित होने की शिकायत कलेक्टर से की। किसानों के अनुसार अवैध प्लाटिंग और मकान निर्माण के कारण नहर से करीब 400 एकड़ कृषि भूमि तक पहुंचने वाले पानी का रास्ता बंद हो गया है।
किसानों ने बताया कि इससे लगभग 30 किसानों को सिंचाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है।
किसानों के मुताबिक भवन निर्माण से पहले संबंधित व्यक्ति को नहर से आने वाले सिंचाई के पानी की निकासी के लिए नाली निर्माण की व्यवस्था करने को कहा गया था। इसके बावजूद सिंचाई मार्ग को बंद कर दिया गया। किसानों ने कलेक्टर से नाली का निर्माण कराकर सिंचाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की।
मामले में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सरकारी तालाब को निस्तारी के लिए सुरक्षित रखने की मांग
ग्राम पंचायत सोरम, तहसील पाटन निवासी एक व्यक्ति ने शासकीय तालाब को ग्रामीणों के निस्तारी उपयोग के लिए सुरक्षित रखने की मांग की।
आवेदक ने शिकायत में बताया कि सरपंच द्वारा बिना कोई प्रस्ताव पारित किए तालाब में मछली पालन के लिए अनुमति दे दी गई है। इससे तालाब का पानी दूषित होने की आशंका है और ग्रामीणों को निस्तारी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने तालाब को निस्तारी के लिए सुरक्षित रखने और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
जनदर्शन में प्राप्त इन मामलों के अलावा भी बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।









