दुर्ग में 45 लाख की ऑनलाइन ठगी का खुलासा, रिटायर्ड BSP कर्मचारी से बड़े नामों का इस्तेमाल कर ऐंठे पैसे; 24 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

0

भिलाई। CG DASTAK 

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाना क्षेत्र में रिटायर्ड BSP कर्मचारी से 45 लाख 18 हजार 998 रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित को निवेश के नाम पर भरोसे में लिया और अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई। पुलिस जांच में बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर एक आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली है।

पुलिस के मुताबिक पीड़ित जयंत बागची (61) भिलाई के हुडको क्षेत्र के निवासी हैं। वे भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और इससे पहले भारतीय सेना में भी सेवा दे चुके हैं। शिकायत के अनुसार 10 मार्च 2026 को फेसबुक चलाते समय उन्हें ऑनलाइन निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया।

बड़े नामों का इस्तेमाल कर बनाया भरोसा

आरोपियों ने निवेश योजना को भरोसेमंद दिखाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और समाजसेवी सुधा मूर्ति जैसे चर्चित नामों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया। विज्ञापन देखकर पीड़ित को यह एक निवेश योजना लगी। उन्होंने विज्ञापन में दिए लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन किया।

इसके बाद कृतिका नाम की महिला ने पीड़ित से संपर्क किया और खुद को निवेश प्रक्रिया से जुड़ा बताया। उसने कथित तौर पर वरिष्ठ नागरिक होने की बात कहते हुए 18,998 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने को कहा। पीड़ित ने रकम ऑनलाइन जमा कर दी।

इसके बाद अलग-अलग लोगों ने उनसे संपर्क करना शुरू किया। एक व्यक्ति ने खुद को अकाउंट मैनेजर बताते हुए ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कराने की बात कही। आरोपियों ने भरोसा दिलाने के लिए उनका कारोबार यूके, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत चार देशों में चलने की बात भी कही।

किस्तों में जमा कराई लाखों की रकम

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने निवेश और मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से अलग-अलग तारीखों में रकम जमा कराई। 17 मार्च को 1 लाख रुपये, जबकि 24 और 25 मार्च को 5-5 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद सोने और ऑयल ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर भी रकम मांगी गई।

27 मार्च को 25 लाख रुपये, फिर 9 अप्रैल को 5 लाख रुपये और 16 अप्रैल को 4 लाख रुपये जमा कराए गए। इस तरह पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 45,18,998 रुपये ट्रांसफर कर दिए।

करोड़ों के मुनाफे का दिखाया झांसा

ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुका। आरोपियों ने पीड़ित के कथित ट्रेडिंग अकाउंट में 2,71,275.68 अमेरिकी डॉलर के मुनाफे का आंकड़ा दिखाया। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो उनसे टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे गए।

20 अप्रैल को आरोपियों ने 2,70,000 अमेरिकी डॉलर की रकम निकालने के लिए 15 प्रतिशत टैक्स यानी 34 लाख रुपये से अधिक जमा करने को कहा। पीड़ित ने टैक्स की रकम काटकर बाकी राशि देने की बात कही। इसके बाद कथित तौर पर मांग घटाकर 12 लाख रुपये कर दी गई।

आरोपियों ने इसके बाद दूसरे राज्य के बैंक खाते में रकम भेजने के लिए भी कहा। यहीं पीड़ित को पूरे मामले पर संदेह हुआ।

साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पीड़ित को जब ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का शक हुआ तो उन्होंने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी सूचना दी।

शिकायत के आधार पर भिलाई नगर थाने में अपराध क्रमांक 217/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग बैंक खातों में हुए लेन-देन, तकनीकी साक्ष्य और डिजिटल जानकारी को खंगाला।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी की तलाश में मध्यप्रदेश के बैतूल पहुंची, जहां से 24 वर्षीय विशाल नागले को गिरफ्तार किया गया।

मोबाइल, चेकबुक और आधार कार्ड जब्त

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बैंक की चेकबुक, आधार कार्ड और ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया गया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

पुलिस की जांच जारी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here