
सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले निकली रैली, अभ्यर्थियों ने कहा- पात्र होने के बावजूद नहीं मिल रही नियुक्ति; शासन-प्रशासन को आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रायपुर। CG DASTAK
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शनिवार को छत्तीसगढ़ के D.Ed प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर राजधानी रायपुर में रैली निकाली। सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले निकली इस रैली में बड़ी संख्या में D.Ed अभ्यर्थी और समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।
रैली बलवीर सिंह जुनेजा ऑडिटोरियम से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जयस्तंभ चौक पहुंची। इस दौरान अभ्यर्थियों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
1316 पदों पर नियुक्ति की मांग
आंदोलनकारी D.Ed अभ्यर्थियों और समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में 1316 पद रिक्त हैं। इनमें 800 से अधिक पद अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित होने का दावा किया गया है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि आरक्षित पद उपलब्ध होने के बावजूद पात्र अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं दी जा रही है। उन्होंने शासन से इन पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है।
‘कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिली नियुक्ति’
आंदोलनकारियों का कहना है कि उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद पात्र अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। अभ्यर्थियों ने इसे आदिवासी युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए शासन से जल्द समाधान की मांग की।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व में आदिवासी समाज की भागीदारी होने के बावजूद युवाओं को अपने अधिकार और रोजगार के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
शासन-प्रशासन को आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रैली के दौरान सर्व आदिवासी समाज और D.Ed अभ्यर्थियों ने शासन-प्रशासन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि रिक्त पदों पर पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति दिलाना और उनके रोजगार के अधिकार को सुनिश्चित कराना है।

सरकार के निर्णय पर टिकी नजर
फिलहाल D.Ed अभ्यर्थियों की इस मांग को लेकर सरकार और संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक निर्णय सामने आना बाकी है। अभ्यर्थियों और सर्व आदिवासी समाज की मांग है कि रिक्त पदों और आरक्षित पदों की स्थिति स्पष्ट करते हुए पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति को लेकर जल्द फैसला लिया जाए।










