भिलाई में साइबर ठगी: बीमा प्रीमियम जमा करने के नाम पर स्कूल स्टाफ से 89 हजार रुपये ठगे

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पत्नी की बीमा पॉलिसी का दूसरा प्रीमियम जमा कराने के नाम पर आरोपी ने पहले फोन पर जीता भरोसा, फिर WhatsApp पर भेजे फर्जी पेमेंट लिंक से कराई रकम ट्रांसफर; पुलिस ने मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच शुरू की

दुर्ग/भिलाई। Cg dastak 

दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल स्टाफ को उसकी पत्नी की बीमा पॉलिसी का दूसरा प्रीमियम जमा कराने के नाम पर साइबर ठग ने अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने पहले फोन पर बीमा पॉलिसी से जुड़ी जानकारी देकर पीड़ित का भरोसा जीता और बाद में WhatsApp के जरिए पेमेंट लिंक भेजकर 89 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।

बीमा प्रीमियम के नाम पर शुरू हुई ठगी

पुलिस के अनुसार, पीड़ित के पास एक व्यक्ति का फोन आया। उसने बीमा पॉलिसी से जुड़ी जानकारी बताते हुए दूसरे प्रीमियम के रूप में 1 लाख 7 हजार 455 रुपये जमा करने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने दावा किया कि D2C कोड के जरिए करीब 18 हजार रुपये कम भुगतान किया जा सकता है।

आरोपी ने कुछ देर बाद पेमेंट के लिए एक लिंक उपलब्ध कराने की बात कही। इसके बाद WhatsApp पर दूसरे मोबाइल नंबर से मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के नाम से पेमेंट लिंक भेजा गया।

लिंक खोलते ही खाते से निकले 89 हजार

पीड़ित की शिकायत के मुताबिक, लिंक खोलने के बाद आरोपी ने भुगतान की प्रक्रिया बताई। इसके बाद उसने एक बैंक खाता नंबर उपलब्ध कराया और उसे मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का बैंक खाता बताया।

पीड़ित ने कंपनी का नाम सत्यापित करने के बाद Google Pay के जरिए बताए गए खाते में 89 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने WhatsApp पर पेमेंट की रसीद भी भेज दी। रसीद मिलने के बाद पीड़ित को लगा कि उसकी पत्नी की बीमा पॉलिसी का प्रीमियम सफलतापूर्वक जमा हो गया है।

दो दिन बाद हुआ साइबर ठगी का खुलासा

रकम ट्रांसफर करने के करीब दो दिन बाद जब बीमा पॉलिसी का ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ, तो पीड़ित को संदेह हुआ। भुगतान से जुड़ी जानकारी की जांच करने पर उसे अपने साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होने का पता चला।

इसके बाद पीड़ित ने साइबर सेल भिलाई भट्ठी में शिकायत दर्ज कराई। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक में भी ऑनलाइन ठगी की शिकायत की गई।

मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस

शिकायत मिलने के बाद भिलाई नगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही आरोपी द्वारा फोन के जरिए संपर्क करने वाले व्यक्ति और WhatsApp अकाउंट की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 89 हजार रुपये किस बैंक खाते में पहुंचे और रकम को आगे किन-किन खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच के आधार पर साइबर ठगी में शामिल आरोपियों और पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।

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