
रायपुर। CG DASTAK
प्रशिक्षकों ने सेवा जारी रखने, बकाया वेतन और 23 हजार रुपये मानदेय बहाल करने की मांग की। वहीं समय शिक्षा विभाग ने कहा- नियुक्ति केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए थी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में व्यावसायिक प्रशिक्षकों ने सेवा समाप्त किए जाने और बकाया वेतन को लेकर नाराजगी जताई है। प्रशिक्षकों का आरोप है कि उन्हें पहले सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में नौकरी से हटा दिया गया। उनका यह भी कहना है कि निजी एजेंसी की ओर से दो महीने का वेतन अब तक नहीं दिया गया है।
प्रशिक्षकों के अनुसार वे वर्षों से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा दे रहे थे। अचानक सेवा समाप्त होने से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। उनका आरोप है कि स्कूलों के प्राचार्य उन्हें पढ़ाने के लिए बुला रहे हैं, लेकिन एजेंसी की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं और कहा गया है कि स्कूल जाना या नहीं जाना उनकी इच्छा है, लेकिन इसके लिए भुगतान नहीं किया जाएगा।
प्रशिक्षकों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
प्रशिक्षकों ने री-टेंडरिंग के बावजूद वर्तमान कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखने, नए और स्थानांतरित 121 प्रशिक्षकों को मई-जून का वेतन देने, 23 हजार रुपये मानदेय बहाल करने तथा पीएफडी के अनुसार स्वीकृत मानदेय और अन्य लाभ देने की मांग की है। साथ ही सभी व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग भी उठाई है।

कांग्रेस ने सरकार को घेरा
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रशिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार रोजगार देने के बजाय लोगों को नौकरी से निकाल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले में प्रशिक्षकों के पक्ष में खड़ी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो शिक्षकों और छात्रों के हित में आंदोलन किया जाएगा।
समय शिक्षा विभाग का पक्ष
वहीं, समय शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने कहा कि संबंधित प्रशिक्षक सीधे समय शिक्षा विभाग के कर्मचारी नहीं हैं। उनकी नियुक्ति निजी एजेंसी के माध्यम से केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए की गई थी और यह बात पहले से स्पष्ट थी।
उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी की ओर से किसी प्रशिक्षक का वेतन रोका गया है तो उसका समाधान कराया जाएगा और बकाया वेतन दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों के एक्सटेंशन का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजा गया है। नया टेंडर भी जारी किया गया है और नई एजेंसी चाहे तो इन्हीं प्रशिक्षकों को दोबारा नियुक्त कर सकती है।











