
पूर्व PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी पर शिकंजा, CBI के बाद अब ED कर रही वित्तीय लेनदेन की पड़ताल; 29 आरोपी जांच के दायरे में।
रायपुर। CG DASTAK

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021 भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब मनी लॉन्ड्रिंग तक पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामले में वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार का दायरा 500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य प्रशासनिक पदों पर चयन कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से करोड़ों रुपये की कथित वसूली की गई। मामले में पूर्व PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से पूछताछ के साथ अब मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
47 लाख रुपये ट्रांसफर का दावा
CBI की जांच में करीब 47 लाख रुपये के कथित वित्तीय लेनदेन का पता चलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, एक पावर प्लांट डायरेक्टर के बेटे और बहू के चयन के एवज में यह राशि एक ग्रामीण विकास समिति के खाते में ट्रांसफर की गई थी। आरोप है कि इस संस्था से तत्कालीन PSC अध्यक्ष के परिजनों और करीबी लोगों का संबंध था।


जांच में यह भी दावा किया गया है कि इस राशि को एक ऐसे कॉलेज के लिए CSR दान के रूप में दर्शाया गया, जिसका वास्तविक अस्तित्व नहीं था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
1.3 करोड़ की कथित वसूली की जांच
CBI की चार्जशीट के अनुसार, कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर पर मुख्य परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर करीब 1.3 करोड़ रुपये की कथित वसूली का आरोप है। एजेंसी के मुताबिक, मामले में नाम सामने आने के बाद से वह फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश की जा रही है।
12 से अधिक भर्ती परीक्षाएं जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों के मुताबिक, टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में आयोजित CGPSC समेत 12 से अधिक भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच की जा रही है। CGPSC-2021 भर्ती में 171 पदों के लिए परीक्षा आयोजित हुई थी और बाद में 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई थी।
29 लोगों को बनाया गया आरोपी
मामले में पूर्व PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, तत्कालीन सचिव जेके ध्रुव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, नितेश सोनवानी, साहिल सोनवानी, निशा कोरसेले, दीपा आदिल, सुमित ध्रुव और उत्कर्ष चंद्राकर समेत कुल 29 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
फिलहाल, मामले की जांच CBI और ED दोनों एजेंसियां कर रही हैं। जांच पूरी होने और अदालत में सुनवाई के बाद ही आरोपों की पुष्टि होगी।










