सड़क नहीं, खाट बनी एंबुलेंस! बीमार युवक को 7 KM कंधे पर ढोकर अस्पताल पहुंचाने को मजबूर ग्रामीण

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बीजापुर। CG DASTAK 

बारिश में कट गया गांव का संपर्क, सड़क नहीं होने से 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में रुकी; बीजापुर की तस्वीर ने उठाए बड़े सवा

बीजापुर। डिजिटल इंडिया और विकास के दावों के बीच छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बारिश के कारण सड़क संपर्क टूटने के बाद ग्रामीणों को एक बीमार युवक को खाट पर लिटाकर करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा।

यह पूरा मामला उसूर ब्लॉक के रायगुड़ा गांव का है, जहां बारिश के कारण कच्चे रास्ते कीचड़ में तब्दील हो गए हैं और गांव का संपर्क मुख्य सड़क से कट गया है।

🚑 गांव तक नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस

जानकारी के मुताबिक, रायगुड़ा गांव निवासी सावन मरकाम (22) की शनिवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजनों ने रात करीब 9 बजे 108 एंबुलेंस को सूचना दी।

एंबुलेंस गांव के लिए रवाना तो हुई, लेकिन सड़क नहीं होने के कारण बीच रास्ते में ही रुक गई। इसके बाद ग्रामीणों और एंबुलेंस कर्मचारियों ने मिलकर युवक को खाट पर लिटाया और खेतों, पगडंडियों व कीचड़ भरे रास्तों से करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।

इसके बाद युवक को दूसरी एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

🌧️ बारिश में बढ़ जाती है परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि रायगुड़ा समेत आसपास के कई गांव आज भी मुख्य सड़क से नहीं जुड़े हैं। हर बारिश में कच्चे रास्ते दलदल में बदल जाते हैं, जिससे गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार, ऐसी स्थिति में यदि कोई बीमार पड़ जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो, तो लोगों को आज भी खाट और डोली का सहारा लेना पड़ता है।

🛣️ दशकों से सड़क की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्षों से गांव तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से रायगुड़ा तक सर्व-मौसम सड़क बनाने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज की जान खतरे में न पड़े।

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