
एमसीबी/चिरमिरी। CG DASTAK
पत्रकारिता की गरिमा, संगठनात्मक एकजुटता और जनहित के संकल्प के साथ नई टीम का गठन, 16 अगस्त को होगा ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम

एमसीबी/चिरमिरी। पत्रकारिता की गरिमा, निष्पक्षता और संगठनात्मक एकजुटता को केंद्र में रखते हुए रविवार को चिरमिरी-खड़गवां क्षेत्र के पत्रकारों की महत्वपूर्ण बैठक जीएम कॉम्प्लेक्स स्थित श्यामली गेस्ट हाउस, पोंडी में आयोजित की गई। बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति, भविष्य की दिशा और पत्रकार हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

लंबे विचार-विमर्श के बाद उपस्थित पत्रकारों ने सर्वसम्मति से वर्तमान चिरमिरी-खड़गवां पत्रकार प्रेस संघ की मौजूदा इकाई को भंग कर नई कार्यकारिणी गठित करने का निर्णय लिया। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पत्रकारों की अपेक्षाओं और वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप नए नाम से समिति के पंजीयन पर भी विचार करने की सहमति बनी।
नई कार्यकारिणी का गठन
सर्वसम्मति से गठित नई कार्यकारिणी में:
🔹 द्रोणाचार्य दुबे – अध्यक्ष
🔹 आलोक बरवा – उपाध्यक्ष
🔹 अभिजीत मुखर्जी – महासचिव
🔹 अशोक कुमार – सचिव
🔹 शिव शंभू – कोषाध्यक्ष
🔹 मोहम्मद जावेद – सहसचिव
🔹 मनोज श्रीवास्तव – संगठन मंत्री
🔹 नसरीन अशरफी – मीडिया प्रभारी
को दायित्व सौंपा गया।
उपस्थित पत्रकारों ने नवगठित टीम का स्वागत करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं जनहितैषी बनाने का संकल्प लिया।
हर महीने होगी अनिवार्य बैठक
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन की गतिविधियों को नियमित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को संघ की अनिवार्य बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पत्रकार हितों, सामाजिक मुद्दों और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा होगी।
16 अगस्त को होगा विशेष कार्यक्रम
बैठक में आगामी 16 अगस्त को चिरमिरी-खड़गवां पत्रकार संघ, श्रमजीवी पत्रकार संघ इकाई एमसीबी एवं अधिमान्य पत्रकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में “एक शाम शहीदों के नाम” कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
-
इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी तथा पत्रकार समाज की राष्ट्रीय और सामाजिक प्रतिबद्धता को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक के अंत में पत्रकारों ने यह संकल्प दोहराया कि नवगठित संगठन केवल पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नगर की मूलभूत समस्याओं, सामाजिक विषमताओं और शोषित वर्गों की आवाज को भी मजबूती से उठाएगा।










