बलौदाबाजार प्रकरण में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेताओं को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, अमित बघेल समेत तीन नेताओं को मिली जमानत

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अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की मंजूर, समर्थकों में खुशी की लहर

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की राजनीति और क्षेत्रीय आंदोलन से जुड़े बलौदाबाजार प्रकरण में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के प्रमुख नेता अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। देश की सर्वोच्च अदालत ने तीनों नेताओं की नियमित जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें सशर्त जमानत देने का आदेश जारी किया है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब तीनों नेता पिछले करीब आठ महीनों से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे। सुप्रीम Court के इस आदेश के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत

इससे पहले तीनों नेताओं ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता और जांच प्रक्रिया को देखते हुए उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था। अदालत का मानना था कि मामले की जांच अभी जारी है और जमानत दिए जाने से जांच प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।

हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई थी। इसके बाद मामले पर शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई।

बचाव पक्ष ने रखे ये तर्क

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि तीनों नेता लंबे समय से जेल में बंद हैं और जांच एजेंसियों को पर्याप्त समय मिल चुका है। वकीलों ने अदालत को बताया कि आंदोलन और प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अधिकांश जांच पूरी हो चुकी है और अब उन्हें लगातार जेल में रखना उचित नहीं होगा।

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपियों के लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रहने से उनके मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही अदालत को भरोसा दिलाया गया कि जमानत मिलने के बाद वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तीनों नेताओं को सशर्त जमानत देने का फैसला सुनाया।

समर्थकों में जश्न

जैसे ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी छत्तीसगढ़ पहुंची, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। रायपुर, बलौदाबाजार और अन्य जिलों में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर और पटाखे फोड़कर फैसले का स्वागत किया।

पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि यह न्याय की जीत है और लंबे समय से पार्टी कार्यकर्ता इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। पार्टी नेताओं ने उम्मीद जताई है कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक से दो दिनों के भीतर तीनों नेता जेल से बाहर आ जाएंगे।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तीनों नेताओं की रिहाई से क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। वहीं, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी इस फैसले को अपने लिए मनोबल बढ़ाने वाला कदम मान रही है।

फिलहाल सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जेल से बाहर आने के बाद तीनों नेता आगे की राजनीतिक रणनीति को किस प्रकार आगे बढ़ाते हैं।

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