CG Dastak की खबरों का असर! फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र मामले में अब जनता युवा कांग्रेस भी मैदान में, FIR की उठी मांग

0

CG Dastak द्वारा लगातार प्रमुखता से उठाए जा रहे मुद्दे के बाद जनता युवा कांग्रेस (जे) ने थाना पंडरी में सौंपा ज्ञापन, फर्जी दस्तावेज मामले की निष्पक्ष जांच और FIR की मांग

रायपुर। रायपुर जिले की शराब दुकानों के संचालन से जुड़े कथित फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र मामले में अब राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। इस पूरे प्रकरण को CG Dastak द्वारा पिछले कई दिनों से लगातार प्रमुखता से उठाया जा रहा था, जिसके बाद अब जनता युवा कांग्रेस (जे) ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए थाना पंडरी (मोवा) में लिखित शिकायत सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

गौरतलब है कि CG Dastak ने अपने पूर्व प्रकाशित समाचारों में यह मुद्दा उठाया था कि रायपुर जिले की शराब दुकानों का संचालन करने वाली निजी एजेंसी Innovsource Services Pvt. Ltd. में कार्यरत जिला समन्वयक परितोष कश्यप द्वारा कथित रूप से फर्जी चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नौकरी प्राप्त करने के आरोप सामने आए हैं।

मामले में सामने आए दस्तावेजों और संबंधित थाना से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह दावा किया गया कि जिस चरित्र प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की गई, वह संबंधित थाना से जारी नहीं किया गया था। इसके बाद से पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई थीं।

अब जनता युवा कांग्रेस (जे) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शमसुल आलम ने थाना पंडरी में ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, एफआईआर दर्ज करने तथा दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज के माध्यम से महत्वपूर्ण पद प्राप्त किया है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और सरकारी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

राजनीतिक संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो जनहित में आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह मामला और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है। चूंकि यह मामला रायपुर जिले की सभी शराब दुकानों के संचालन से जुड़ा है, इसलिए लोगों की निगाहें अब पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

CG Dastak द्वारा लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब राजनीतिक संगठनों की एंट्री ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here