3 साल से भुगतान का इंतजार! एसईसीएल पर वाहन मालिकों का बड़ा आरोप, PMO से लेकर कलेक्टर तक लगाई गुहार

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वर्ष 2023 में पुलिस और प्रशासनिक उपयोग के लिए लगाई गई थीं गाड़ियां, लॉग बुक में उपयोग का रिकॉर्ड होने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने का दावा

एमसीबी/चिरिमिरी। एसईसीएल चिरिमिरी प्रबंधन पर तीन वाहन मालिकों ने वर्ष 2023 से लंबित वाहन किराया भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। पीड़ित वाहन मालिकों का कहना है कि कई बार अधिकारियों से संपर्क करने और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा जिला प्रशासन को शिकायत भेजने के बावजूद अब तक उन्हें भुगतान नहीं मिल सका है।

जानकारी के अनुसार, वाहन मालिक उपेंद्र कुमार सिंह, नसीम अख्तर एवं दीपक कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक, एसईसीएल चिरिमिरी तथा स्टाफ ऑफिसर (विद्युत एवं यांत्रिक) के अनुरोध पर उन्होंने अपनी तीन गाड़ियां प्रशासनिक कार्यों के लिए किराये पर उपलब्ध कराई थीं।

बताया जा रहा है कि इन वाहनों को थाना चिरिमिरी, थाना खड़गांव और अनुविभागीय कार्यालय चिरिमिरी में उपयोग के लिए लगाया गया था। वाहन मालिकों का दावा है कि उनकी गाड़ियां करीब छह माह तक नियमित रूप से संचालित हुईं और संबंधित अधिकारियों द्वारा लॉग बुक में हस्ताक्षर भी किए गए, जिससे वाहनों के उपयोग का रिकॉर्ड उपलब्ध है।

इसके बावजूद, वाहन मालिकों के अनुसार, वर्ष 2023 से अब तक उन्हें वाहन किराये की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार एसईसीएल अधिकारियों से संपर्क कर भुगतान की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।

पीड़ितों ने बताया कि न्याय की उम्मीद में उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), स्थानीय मंत्री, जिला कलेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी लिखित शिकायतें भेजीं, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

वाहन मालिकों का कहना है कि भुगतान लंबित रहने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गाड़ियों की देखरेख, बैंक किश्त, बीमा और अन्य खर्चों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

अब तीनों वाहन मालिकों ने एसईसीएल प्रबंधन से जल्द लंबित भुगतान जारी करने तथा जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

फिलहाल इस पूरे मामले में एसईसीएल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

संवाददाता : अशोक कुमार, एमसीबी।

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