
कांकेर। जिले के बड़े तेवड़ा गांव में जमीन और धार्मिक गतिविधियों को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की शासकीय/सामुदायिक जमीन पर चर्च निर्माण कराया गया है। इसको लेकर ग्रामीणों और ईसाई समुदाय के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में गांव में शव दफन करने को लेकर विवाद सामने आया था। इसके बाद से गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी क्रम में ग्रामीणों ने गांव के दो अंगनबाड़ी केंद्रों में अपने बच्चों को भेजना बंद कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अंगनबाड़ी कार्यकर्ता ईसाई धर्म का पालन करती हैं और केंद्र में भी लापरवाही बरते जाने की शिकायतें हैं। इसी आधार पर ग्रामीणों ने संबंधित कार्यकर्ता को हटाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी है।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के पूर्व सरपंच द्वारा करीब 10 डिसमिल जमीन पर अतिक्रमण कर चर्च बनाए जाने की शिकायत भी सामने आई है। एक अन्य ग्रामीण पर घोटुल की जमीन को कथित रूप से निजी आवास के रूप में उपयोग किए जाने का आरोप लगाया गया है। इन मामलों को लेकर ग्रामीणों की ओर से पहले ही ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी शिकायतों पर प्रशासन द्वारा जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे अंगनबाड़ी केंद्र में तालाबंदी करने का कदम उठा सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जमीन संबंधी शिकायतों का निराकरण करने और अंगनबाड़ी व्यवस्था को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी










