
सक्ती। CG DASTAK
मिरौनी प्राथमिक शाला का मामला, पढ़ाई के समय मोबाइल में व्यस्त रहने और विद्यार्थियों से कथित अभद्र व्यवहार की भी शिकायत; अधिकारी बोले—जांच में तथ्य सामने आने पर कार्रवाई होगी

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के चंद्रपुर तहसील अंतर्गत ग्राम मिरौनी स्थित नवीन शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक कैलाश पटेल के खिलाफ विद्यार्थियों और ग्रामीणों से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई हैं। इनमें सबसे गंभीर आरोप कक्षा 5वीं की एक छात्रा ने लगाया है। छात्रा का आरोप है कि कॉपी चेक कराने के दौरान शिक्षक ने उसे कथित तौर पर गलत तरीके से छुआ।

इस मामले की शिकायत छात्रा के परिजनों और ग्रामीणों ने कलेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी से की है। जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी बाघ द्विवेदी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच कराने और जांच में तथ्य सामने आने के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
5वीं की छात्रा ने लगाया गंभीर आरोप
शिकायत के मुताबिक, कक्षा 5वीं की छात्रा ने शिक्षक के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई है। छात्रा का आरोप है कि जब वह कॉपी चेक कराने के लिए शिक्षक के पास जाती है, तो शिक्षक कथित रूप से गलत तरीके से छूते हैं।
इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित छात्रा और अन्य पक्षों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की आवश्यकता है। प्रकाशित रिपोर्टों में भी आरोप को जांचाधीन बताया गया है।
नाबालिग छात्रा की पहचान गोपनीय रखी जा रही है।
स्कूल समय में मोबाइल चलाने का भी आरोप
शिकायतकर्ताओं ने शिक्षक पर स्कूल में पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन में व्यस्त रहने का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक के इस रवैये से स्कूल की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

स्कूल में कार्यरत रसोइया चंद्राबाई चौहान ने भी शिक्षक के पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने और बच्चों के पढ़ने के लिए कहने पर उन्हें फटकारने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की भी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होग
स्वीपर महिला को लेकर भी शिकायत
शिकायत में स्कूल में कार्यरत महिला स्वीपर के साथ शिक्षक के कथित व्यवहार को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके।
मामले को लेकर ग्रामीण और पालक शिक्षा विभाग से जांच तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
डोमनपुर स्कूल में भी शिकायत का दावा
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि कैलाश पटेल इससे पहले शासकीय प्राथमिक शाला डोमनपुर में पदस्थ थे। वहां भी उनके व्यवहार को लेकर शिकायतें होने का दावा किया गया है, जिसके बाद उनका स्थानांतरण मिरौनी स्कूल किए जाने की बात कही गई है।

हालांकि इस पुराने मामले से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि वर्तमान शिकायत के स्तर पर नहीं हुई है। इसलिए इसे भी जांच के दायरे में ही देखा जाना चाहिए।
DEO ने कहा—जांच के बाद होगी कार्रवाई
सक्ती जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी बाघ द्विवेदी ने कहा है कि बच्चों से अभद्रता की शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यानी फिलहाल शिक्षक पर लगाए गए आरोप जांच के स्तर पर हैं और दोष सिद्ध नहीं हुआ है। शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और संबंधित शिक्षक की जिम्मेदारी क्या बनती है।









