
मुंबई में IIMUN के 15वें वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने RSS की विचारधारा, Gen-Z और मोहन भागवत के युवाओं से संवाद को लेकर अपनी राय रखी।
मुंबई। CG DASTAK
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मुंबई में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) के 15वें वर्षगांठ कार्यक्रम में RSS, हिंदुत्व और देश की युवा पीढ़ी को लेकर कई अहम बातें कहीं। थरूर ने RSS के उद्देश्य और उसकी विचारधारा पर अपनी राय रखते हुए कहा कि संगठन का मुख्य मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व के रूप में आगे बढ़ाना है और उनका मानना है कि यह विचारधारा आज भी बदली नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान थरूर ने RSS प्रमुख मोहन भागवत द्वारा Gen-Z और Gen-Alpha के युवाओं के साथ किए गए संवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने भागवत के युवाओं को लेकर दिए गए विचारों को सकारात्मक संकेत बताया।
‘Gen-Z और Gen-Alpha पुरानी पीढ़ी से ज्यादा देशभक्त’
थरूर ने मोहन भागवत के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने Gen-Z और Gen-Alpha को लेकर अपनी बात रखी थी। भागवत के मुताबिक, नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। थरूर ने कहा कि युवाओं की बात समझने के लिए उनसे संवाद करना जरूरी है।
थरूर के मुताबिक, अलग विचारधारा रखने वाले लोगों के साथ भी बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल अलग सोच रखने की वजह से किसी से संवाद बंद नहीं किया जाना चाहिए।
Gen-Z को लेकर क्या बोले थरूर?
थरूर ने आने वाले समय में Gen-Z की बढ़ती भूमिका की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि 2029 में Gen-Z देश का सबसे बड़ा वोटिंग समूह बन सकता है। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए युवाओं की सोच और उनकी अपेक्षाओं को समझना बेहद जरूरी होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में पुराने तरीके हमेशा काम नहीं कर सकते। युवाओं की बदलती सोच को समझते हुए राजनीतिक दलों को अपनी कार्यशैली में बदलाव करना होगा।
‘मैं अपनी पार्टी में वही कहता हूं जो मेरी सोच के करीब है’
कांग्रेस सांसद ने अपनी पार्टी और अपनी स्वतंत्र राय को लेकर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह उस पार्टी का हिस्सा हैं, जिसकी विचारधारा उनकी सोच के सबसे करीब है। साथ ही उन्होंने अपनी स्वतंत्र राय रखने की बात भी कही।
थरूर ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचारों पर चर्चा और असहमति के लिए जगह होनी चाहिए।
CJP आंदोलन पर भी बोले थरूर
कार्यक्रम में थरूर ने हाल के CJP आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े कुछ मुद्दों को कांग्रेस पहले ही उठा चुकी थी, लेकिन उन मुद्दों पर पार्टी को अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिल पाया।
उन्होंने इस बात पर आत्ममंथन की जरूरत बताई कि आखिर लोगों की नब्ज को बेहतर तरीके से समझने और जनता से जुड़ने में राजनीतिक दलों से कहां चूक हो रही है।
मोहन भागवत और Gen-Z संवाद की चर्चा
इस पूरे संवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू मोहन भागवत और युवाओं के बीच बातचीत भी रहा। थरूर ने बताया कि भागवत ने मुंबई में Gen-Z और Gen-Alpha के युवाओं के साथ करीब एक घंटे तक बातचीत की थी।
भागवत ने इस दौरान युवाओं को लेकर कहा था कि यदि Gen-Z किसी मुद्दे पर आंदोलन कर रही है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि वह एंटी-नेशनल है। वे देश की अगली पीढ़ी हैं और उनके साथ संवाद कर उनकी बात समझना जरूरी है।
CG Dastak की नजर:
शशि थरूर के बयान ने एक बार फिर RSS, कांग्रेस, Gen-Z और युवाओं की राजनीतिक भूमिका को लेकर बहस को चर्चा में ला दिया है। आने वाले वर्षों में युवा मतदाताओं की बढ़ती भूमिका राजनीतिक दलों के लिए अहम रहने वाली है।










