शराब दुकानों की भर्ती में कथित वसूली का मामला गरमाया, Placement Agency Innovision Ltd. भी जांच के घेरे में!

0

Zone क्रमांक 6 में शराब दुकानों के संचालन हेतु कार्यरत Innovision Ltd. पर गंभीर सवाल; सुधीर कुमार सिंह, तरविंदर सिंह उर्फ रिंकू भाटिया और रजत त्रिपाठी के नाम शिकायत में सामने आए

महासमुंद। जिले में Zone क्रमांक 6 के अंतर्गत शासकीय मदिरा दुकानों के संचालन हेतु कार्यरत Placement Agency Innovision Ltd. के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। नौकरी दिलाने के नाम पर कथित अवैध वसूली के आरोपों ने मामले को तूल दे दिया है। शिकायत और विभागीय पत्राचार में Innovision Ltd. के राज्य को-ऑर्डिनेटर सुधीर कुमार सिंह, तरविंदर सिंह उर्फ रिंकू भाटिया और रजत त्रिपाठी के नाम सामने आए हैं।

15 से 20 लाख रुपये तक कथित वसूली का आरोप

CSMCL महासमुंद के 20 जुलाई 2026 के पत्र में उल्लेख है कि Innovision Ltd. के माध्यम से मदिरा दुकानों में मुंशी, विक्रयकर्ता और मल्टीटास्कर के पदों पर भर्ती कराने के नाम पर कथित अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।

शिकायत में जिले के 15 से 20 बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूले जाने तथा कुल रकम 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंचने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, यह शिकायत में लगाए गए आरोप हैं और इनकी जांच होना बाकी है।

रिंकू भाटिया का नाम भी सामने

इस पूरे मामले में तरविंदर सिंह उर्फ रिंकू भाटिया की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। CSMCL के जिला प्रबंधक के पत्र में उनके नाम को सुधीर कुमार सिंह और रजत त्रिपाठी के साथ भर्ती के नाम पर कथित वसूली संबंधी शिकायत से जोड़ा गया है।

इतना ही नहीं, तरविंदर सिंह उर्फ रिंकू भाटिया के खिलाफ पुलिस अधीक्षक महासमुंद को की गई शिकायत की प्रति भी CSMCL के रिकॉर्ड में संलग्न है।

PhonePe से भुगतान के स्क्रीनशॉट भी दस्तावेज में

शिकायत के साथ कई डिजिटल भुगतान के स्क्रीनशॉट भी लगाए गए हैं। इनमें रजत त्रिपाठी के नाम पर अलग-अलग तारीखों में रकम ट्रांसफर किए जाने का रिकॉर्ड दिखाई देता है। एक स्क्रीनशॉट में 3 दिसंबर 2025 को ₹40,000 का भुगतान दर्ज है।

शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए दस्तावेजों में अन्य भुगतान और रकम का भी उल्लेख है। अब जांच का अहम सवाल यही है कि इन लेन-देन का नौकरी की भर्ती से वास्तविक संबंध था या नहीं।

CSMCL ने मांगा जवाब, कार्रवाई की अनुशंसा

मामले में CSMCL महासमुंद के जिला प्रबंधक ने राज्य को-ऑर्डिनेटर सुधीर कुमार सिंह को सेवा से पृथक करने और कालसूची में नाम दर्ज करने की अनुशंसा की है। साथ ही शिकायत से जुड़े आवेदन और रिंकू भाटिया के खिलाफ पुलिस शिकायत भी उच्च कार्यालय को भेजी गई है।

वहीं, CSMCL के रिकॉर्ड में Innovision Ltd. के माध्यम से मदिरा दुकानों में कर्मचारियों के नियोजन को लेकर आधिकारिक स्वीकृति और कर्मचारियों के AEBAS पंजीयन संबंधी निर्देश भी मौजूद हैं। �

अब सबसे बड़ा सवाल—Innovision Ltd. की भूमिका क्या?

इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यह है कि Zone क्रमांक 6 में शराब दुकानों के संचालन हेतु कार्यरत Placement Agency Innovision Ltd. की भर्ती प्रक्रिया में वास्तविक भूमिका क्या थी? नौकरी के नाम पर कथित रकम किसने मांगी, पैसा किसके पास पहुंचा, रजत त्रिपाठी को किए गए भुगतान का भर्ती से क्या संबंध था और सुधीर कुमार सिंह व तरविंदर सिंह उर्फ रिंकू भाटिया की भूमिका क्या रही, इन तमाम सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

अब निगाहें CSMCL की आगामी कार्रवाई और पुलिस जांच पर टिकी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here