शराब घोटाला मामला: रामगोपाल अग्रवाल को 5 दिन की ED रिमांड, 17 अगस्त को फिर होगी पेशी

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रायपुर। CG DASTAK 

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें सेंट्रल जेल से रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने ED की मांग पर रामगोपाल अग्रवाल को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। अब ED उनसे शराब घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में पूछताछ करेगी।

स्पेशल कोर्ट के जज अवकाश पर, DJ कोर्ट में हुई सुनवाई

रामगोपाल अग्रवाल की पेशी ED की विशेष अदालत में होनी थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। ED ने पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 17 अगस्त 2026 को रामगोपाल अग्रवाल को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

भूपेश बघेल ने कोर्ट पहुंचकर की मुलाकात

ED की टीम जब रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट लेकर पहुंची, उसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जिला कोर्ट पहुंचे। उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की।

ED की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने आरोप लगाया कि मामले में नकली गवाहों का इस्तेमाल किया जा रहा है और जांच एजेंसी के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं। उन्होंने कार्रवाई को परेशान करने की कोशिश बताया।

बचाव पक्ष ने क्या कहा?

रामगोपाल अग्रवाल के अधिवक्ता फैजल रिजवी के मुताबिक, रामगोपाल पहले से ACB की गिरफ्त में थे और ED ने जेल में उनसे पूछताछ की थी। इसके बाद ED ने उन्हें गिरफ्तार किया। स्पेशल कोर्ट के जज के अवकाश पर होने के कारण उन्हें प्रोडक्शन वारंट के जरिए जिला कोर्ट में पेश किया गया।

बचाव पक्ष के अनुसार, ED ने पूछताछ के लिए रिमांड मांगी थी, जिसके बाद कोर्ट ने 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की।

ED का दावा—करीब 3,400 करोड़ रुपये का शराब घोटाला

जांच एजेंसी के दावे के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में करीब 3,400 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच की जा रही है। शराब घोटाला मामले में रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर सकती है।

8 जुलाई को किया था सरेंडर

जानकारी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचे थे और सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। मामले में EOW-ACB की कार्रवाई के बाद अब शराब घोटाला मामले में ED भी उनसे पूछताछ कर रही है।

नोट: शराब घोटाला मामले में लगाए गए आरोपों और जांच एजेंसियों के दावों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत के निर्णय के बाद ही माना जाएगा।

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