
माता-पिता के बाहर जाने के बाद आरोपी बच्ची को बहलाकर घर ले गया था; मारपीट के बाद जबरदस्ती का आरोप, कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में दोषी ठहराया
📍 रायपुर CG DASTAK
रायपुर के सद्दू इलाके में 15 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। मामले में पुलिस ने थाना सरस्वती नगर में अपराध दर्ज कर जांच की थी। अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी माना।
क्या है पूरा मामला?
मामला जनवरी 2026 का बताया गया है। पीड़िता की मां ने 13 जनवरी को थाना सरस्वती नगर में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 12 जनवरी को दोपहर करीब 1:30 बजे पीड़िता अपनी नानी के घर से पैदल लौट रही थी। इसी दौरान एक किशोर ने फोन कर उसे बुलाया।
इसके बाद आरोपी पीड़िता को अपने साथ वाहन में लेकर गया। आरोप है कि जान-पहचान होने के कारण पीड़िता उसके साथ चली गई, लेकिन उसे उसके परिचित के घर ले जाने के बजाय सद्दू स्थित आरोपी के घर ले जाया गया।
पुलिस के मुताबिक, घर में किसी अन्य व्यक्ति के मौजूद नहीं होने पर आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की। इसके बाद पीड़िता वहां से निकलकर अपने घर पहुंची और अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने की कार्रवाई
मामले में थाना सरस्वती नगर में अपराध क्रमांक 16/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने पीड़िता और उसकी मां की सहमति से मेडिकल जांच कराई तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया। आरोपी को 18 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा
अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1), 127(2), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत दोषी ठहराया। वहीं कुछ अन्य धाराओं में उसे बरी किया गया। अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
नोट: नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई जानकारी प्रकाशित न करें।










