बिहार सरकार ने वापस लिए प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस, FIR और नोटिस भी होंगे रद्द; CJP ने दी थी आंदोलन की चेतावनी

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पटना। CG DASTAK 

सरकार ने 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में कार्रवाई नहीं करने का किया ऐलान, CJP ने समझौता लागू करने की उठाई थी मांग।

पटना। बिहार सरकार ने विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि 26 जुलाई को शाम 6 बजे से पहले राज्य में हुए सभी विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर, आपराधिक शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा है कि गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।

इस घोषणा से पहले कॉन्कोरच जनता पार्टी (CJP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर समझौते का पालन नहीं करने का आरोप लगाया था। पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा था कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह पार्टी को कानूनी सहायता दे रहे हैं

CJP का दावा था कि आंदोलन सरकार के इस आश्वासन पर समाप्त किया गया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। पार्टी ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई और हजारों लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।

सरकार की घोषणा के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है। वहीं, CJP की ओर से कहा गया कि लिखित आदेश और अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

उधर, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर अपनी जांच में दावा किया है कि फेस रिकग्निशन सिस्टम (FCR) के जरिए हजारों लोगों का सत्यापन किया गया है। पुलिस के अनुसार, सत्यापन के दौरान कई लोगों के खिलाफ पहले से दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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