
जगदलपुर। CG DASTAK
जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की फूल रथ परिक्रमा के दौरान एक बार फिर विवाद की स्थिति बन गई। निर्माणाधीन विजय रथ से टकराने के बाद फूल रथ का पहिया निकलने की घटना सामने आई। हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने जेसीबी और क्रेन की मदद से रथ की परिक्रमा कराने पर जोर दिया, लेकिन ग्रामीण पारंपरिक तरीके से रथ खींचने पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। अंततः बस्तर सांसद महेश कश्यप के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और रथ परिक्रमा पूरी कराई गई।

फूल रथ का पहिया निकलने से बढ़ा खतरा
जानकारी के अनुसार, फूल रथ की अंतिम परिक्रमा के दौरान रथ का पहिया निकल गया। इसके बाद पहिया लगाने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। पहिया लगाए जाने के बाद भी रथ खींचने को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। मिताली चौक के पास स्टॉपर लगाए जाने के बावजूद ग्रामीण रथ को खींचने पर अड़े रहे।

रथ के भारी होने और संभावित हादसे के खतरे को देखते हुए पुलिस ने मशीनों की मदद से परिक्रमा कराने का सुझाव दिया। दशहरा समिति के पदाधिकारियों ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ गया। इसी दौरान पुलिस अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की और हाथ उठाने की घटना की जानकारी सामने आई।
सांसद महेश कश्यप के हस्तक्षेप से सुलझा विवाद
स्थिति बिगड़ती देख बस्तर सांसद महेश कश्यप ने हस्तक्षेप किया और ग्रामीणों तथा पुलिस के बीच समझौता कराने की कोशिश की। इसके बाद ग्रामीण पुलिस की बात मानने को तैयार हुए। जेसीबी और क्रेन की मदद से फूल रथ की परिक्रमा संपन्न कराई गई।
सीएसपी सुमित कुमार के मुताबिक, फूल रथ परिक्रमा के दौरान पहिया टूटने की समस्या सामने आई थी। खतरे को देखते हुए रथ को खींचने के लिए जेसीबी की मदद लेना जरूरी था। ग्रामीणों के पारंपरिक तरीके से रथ खींचने पर अड़े रहने के कारण विवाद की स्थिति बनी। सांसद के हस्तक्षेप के बाद परिक्रमा पूरी कराई गई।
दो दिन पहले भी हुआ था हादसा
फूल रथ परिक्रमा के दौरान दो दिन पहले भी पावर हाउस चौक के पास हादसे की स्थिति बनी थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रथ को निर्धारित मार्ग से अलग दिशा में ले जाने के दौरान दो स्कूटी इसकी चपेट में आ गईं। रथ की रस्सी स्कूटी से बांधकर खींचने और रथ के बिजली के खंभे से टकराने की बात भी सामने आई थी। खंभा गिरने से कई लोग प्रभावित हुए और घायलों को उपचार की जरूरत पड़ी।
लगातार सामने आ रही घटनाओं ने बस्तर दशहरा की रथ परिक्रमा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। धार्मिक परंपरा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आयोजकों, प्रशासन और रथ खींचने वाले ग्रामीणों के बीच समन्वय जरूरी है, ताकि आस्था के इस आयोजन में किसी बड़े हादसे की नौबत न आए।
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