
दुर्ग। CG DASTAK
दुर्ग। साइबर अपराध, संदिग्ध बैंक खातों के इस्तेमाल और ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के ठाणे में संचालित दो ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, थाना वैशाली नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने एक किराए के फ्लैट में दबिश देकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने मौके से 31 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 12 एटीएम कार्ड, 2 पैन कार्ड, 2 बैंक पासबुक सहित कई डिजिटल और बैंकिंग उपकरण जब्त किए हैं। मामले में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है।
संदिग्ध बैंक खातों की जांच से मिला सुराग
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई थाना वैशाली नगर में दर्ज एक अपराध की विवेचना के दौरान सामने आए संदिग्ध बैंक खातों और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन के आधार पर की गई। तकनीकी जांच में दुर्ग-भिलाई और धमतरी क्षेत्र के कुछ युवकों के ठाणे में किराए का फ्लैट लेकर ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनल संचालित करने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद पुलिस की संयुक्त टीम ने ठाणे में दबिश दी। पुलिस का दावा है कि फ्लैट में 10 आरोपी दो अलग-अलग ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों का संचालन करते मिले।
करोड़ों के ट्रांजैक्शन की जांच
प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन माध्यमों और विभिन्न बैंक खातों के जरिए सट्टे से जुड़े पैसों के लेन-देन के संकेत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान करोड़ों रुपये के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से संबंधित विवरण सामने आए हैं। इन लेन-देन की वास्तविक प्रकृति, रकम और संबंधित खाताधारकों की भूमिका का परीक्षण किया जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों के जरिए किन लोगों के बीच रकम का लेन-देन हुआ और क्या अन्य व्यक्ति भी इस गतिविधि से जुड़े हैं।
शिफ्ट में संचालन का दावा
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों पैनलों का संचालन शिफ्ट के आधार पर किया जाता था। आरोपी कथित तौर पर ऑनलाइन माध्यम से आपस में संपर्क रखते थे और रोजाना के लेन-देन का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में संभालते थे।
जांच के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस इनकी तकनीकी और डिजिटल फॉरेंसिक जांच करा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों का पता लगाया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में विष्णु तिवारी (19), अंकित निषाद (23), नितेश कुमार (24), नरेश कन्हाई (24), दीपक कश्यप (27), मेहुल निषाद (23), हर्ष वर्धन निषाद (19), संतोष राम (28), भुवन लाल देवांगन (28) और चेतन ध्रुव (27) शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी छत्तीसगढ़ के भिलाई, धमतरी, कांकेर और बोरी क्षेत्र के अलावा बिहार के मधुबनी जिले के निवासी बताए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ये सामान किया गया जब्त
पुलिस की जानकारी के अनुसार, कार्रवाई में 31 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 12 एटीएम कार्ड, 2 पैन कार्ड, 2 बैंक पासबुक, वाई-फाई/इंटरनेट उपकरण, पेन ड्राइव, पावर बैंक, चार्जर, विभिन्न केबल, नकदी और अन्य डिजिटल सामग्री जब्त की गई है।
म्यूल बैंक खातों की भूमिका की जांच
इस मामले में पुलिस संदिग्ध म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल की भी जांच कर रही है। म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल दूसरे लोगों की ओर से संदिग्ध या अवैध धन के लेन-देन के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इस मामले में जब्त खातों की वास्तविक भूमिका और खाताधारकों की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैंकिंग साधन किन लोगों के नाम पर हैं, उनका इस्तेमाल किसने किया और रकम किन खातों में भेजी गई।
दुर्ग पुलिस की लोगों से अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड, यूपीआई या अन्य बैंकिंग साधन किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में बैंकिंग साधन उपलब्ध कराने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस ने संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय गतिविधियों या सट्टा-बेटिंग से जुड़ी जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है। फिलहाल डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण जारी है। जांच के बाद ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
स्रोत: दुर्ग पुलिस से संबंधित उपलब्ध जानकारी।
वेबसाइट: www.cgdastak.com









