
दंतेवाड़ा। CG DASTAK
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप के निलंबन को लेकर विरोध तेज हो गया है। जिले के सभी पटवारियों ने इस कार्रवाई के विरोध में एकजुट होकर सामूहिक निलंबन की मांग उठाई है। पटवारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।
पटवारियों का आरोप है कि वे अपनी लंबित और न्यायसंगत मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय दमनकारी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप को निलंबित किए जाने को उन्होंने एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताया है।
प्रांताध्यक्ष के निलंबन से पटवारियों में नाराजगी
ज्ञापन में पटवारियों ने कहा है कि प्रांताध्यक्ष के निलंबन से जिले के सभी पटवारियों में नाराजगी है। अपने प्रांतीय नेतृत्व और साथियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई को वे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पटवारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन उनकी मांगों पर शांतिपूर्ण बातचीत करने और समस्याओं का समाधान करने के बजाय निलंबन की कार्रवाई जारी रखता है, तो दंतेवाड़ा जिले के सभी पटवारी सामूहिक रूप से निलंबित होने की मांग करेंगे।
रायगढ़ एसडीएम के आदेश का दिया हवाला
पटवारियों ने अपने ज्ञापन में रायगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय के 30 अक्टूबर 2026 के निलंबन आदेश का भी उल्लेख किया है। ज्ञापन के अनुसार, यह आदेश पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप के निलंबन से संबंधित है।
पटवारियों ने इस आदेश को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए ज्ञापन कलेक्टर दंतेवाड़ा को सौंपा है। उनका कहना है कि लंबित मांगों को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।
सामूहिक निलंबन की मांग से बढ़ सकता है आंदोलन
पटवारियों के इस सामूहिक रुख से जिले में आंदोलन के और तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन पटवारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और निलंबन के मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाता है।
फिलहाल पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया है। प्रशासन की ओर से इस ज्ञापन पर आगे की कार्रवाई या आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।









