छत्तीसगढ़ में HT औद्योगिक बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विवाद, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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रायपुर। CG DASTAK 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रस्तावित प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी पर आरोप लगाया है कि बिना खुली निविदा प्रक्रिया के टाटा पावर को हाईटेंशन (HT) कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम देने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

करीब 4 हजार HT औद्योगिक उपभोक्ताओं का मामला

कन्हैया अग्रवाल के मुताबिक, प्रदेश में लगभग 4 हजार HT औद्योगिक उपभोक्ता हैं। उनका कहना है कि इन उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग और निगरानी के लिए वर्ष 2010 में खुली निविदा के जरिए AMR (ऑटोमैटिक मीटर रीडिंग) प्रणाली स्थापित की गई थी।

उन्होंने दावा किया कि गुढ़ियारी स्थित सेंट्रल कंट्रोल रूम से पिछले करीब 15 वर्षों से इस व्यवस्था के जरिए ऑनलाइन मीटर रीडिंग और परीक्षण किया जा रहा है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था को हटाकर नई प्रक्रिया अपनाने की जरूरत और उसके तकनीकी आधार पर सवाल उठाए गए हैं।

टाटा पावर के आवेदन पर भी सवाल

कांग्रेस नेता के अनुसार, टाटा पावर ने 4 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष रायपुर क्षेत्र में बिजली वितरण लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था। उन्होंने आशंका जताई कि यदि उसी कंपनी को औद्योगिक मीटरिंग और डेटा से जुड़ा काम दिया जाता है, तो निजी कंपनी का इस क्षेत्र में प्रभाव बढ़ सकता है।

ये आरोप और आशंकाएं कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित कंपनी और बिजली विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।

बिना टेंडर काम देने की तैयारी का आरोप

कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि खुली निविदा के बिना किसी निजी कंपनी को करोड़ों रुपये का काम सौंपने की तैयारी वित्तीय और प्रक्रियात्मक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। उनका दावा है कि निम्नदाब (LT) कनेक्शनों के लिए पहले दी गई मंजूरी को आधार बनाकर हाईटेंशन कनेक्शनों में भी बिना टेंडर काम देने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रस्ताव पर निर्णय लेने से पहले औद्योगिक उपभोक्ताओं, संबंधित संगठनों और विभागीय इंजीनियरों से चर्चा की जानी चाहिए।

अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन, प्रक्रिया रोकने की मांग

कांग्रेस नेता ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो मामले को ऊर्जा मंत्री और राज्यपाल के समक्ष उठाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट जाने की बात भी कही गई है।

अब सवाल यह है कि औद्योगिक उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लगाने की प्रस्तावित प्रक्रिया में निविदा, तकनीकी जरूरत और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों पर बिजली कंपनी क्या स्पष्टीकरण देती है।

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