
रायपुर। CG DASTAK
नवा रायपुर में NSTI के लिए 10 एकड़ जमीन मुफ्त, करीब ₹200 करोड़ से बनेगा संस्थान; दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन का रास्ता भी साफ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी। सरकार के फैसलों में निर्यात को बढ़ावा देने, युवाओं के कौशल विकास, शासकीय एवं संविदा कर्मचारियों को राहत और न्यायिक अधोसंरचना मजबूत करने से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है।
नई नीति के तहत प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच और व्यापार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
सरकार का फोकस कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर भी रहेगा। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
इस नीति का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक और मात्रात्मक वृद्धि करना तथा प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।
नवा रायपुर में बनेगा NSTI, 10 एकड़ जमीन मुफ्त
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
यह जमीन भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को दी जाएगी। करीब ₹200 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
NSTI में दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों के जरिए हर साल करीब 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में करीब 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी।
यहां युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार के मुताबिक संस्थान की स्थापना से युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को बड़ी राहत
कैबिनेट के एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी एवं अस्थायी शासकीय सेवकों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को बड़ी राहत दी गई है।
इन कर्मचारियों को अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने के मामले में निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस फैसले से शासकीय और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने के अधिक अवसर मिल सकेंगे। इस संबंध में राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन का रास्ता साफ
कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।
इस फैसले से दुर्ग में आधुनिक और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ होगा। साथ ही जिले में न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।









